मोदी का डर : पाकिस्तान से भागा दाऊद इब्राहिम

GANGSTER DAWOOD IBRAHIMनई दिल्ली – एक रिपोर्ट के मुताबिक नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने का डर पाकिस्तान में बैठे और 1993 मुंबई हमले का गुनहगार दाऊद इब्राहिम को भी सता रहा है और इसी डर से उसने अपना ठिकाना बदल लिया है। बताया जा रहा है कि उसने अपना ठिकाना आफगानिस्तान-पाकिस्तान की सीमा पर बनाया है और वह यही रह रहा है।
गौर हो कि मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान एक गुजराती टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि यदि वह सत्ता में आते हैं तो वह दाऊद को पाकिस्तान से वापस ले आएंगे। इस रिपोर्ट के मुताबिक खुफिया एजेंसी की एक ईकाई का ऐसा मानना है कि मोदी धमाकेदार जीत के साथ केंद्र की सत्ता पर काबिज हुए है और ऐसे में वह 1993 मुंबई ब्लास्ट के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम को धर दबोचने की हर मुमकिन कोशिश करेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक कहा जा रहा है कि दाऊद इब्राहिम को अपने खिलाफ कमांडो ऑपरेशन का भी डर है जैसा पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अमेरिका ने किया था। इस ऑपरेशन में अमेरिका ने गोपनीय तरीके से पाकिस्तान के एबटाबाद में रह रहे अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था और किसी को कानो-कान खबर तक नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि मोदी को लेकर खौफ की वजह से मुंबई से कुछ अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपराधी भी भाग गए हैं।
गौर हो कि मुंबई माफिया से आतंकवादी बने भगोड़े दाऊद इब्राहिम ने जुर्म की दुनिया में कदम 70 के दशक के आखिर में रखा था। तब वह सोने की तस्करी करता था। दाऊद शुरुआत में हाजी मस्तान गैंग में भी था। बाद में दाऊद ने खुद का गैंग खड़ा कर लिया। सोने की तस्करी करते करते दाऊन ड्रग्स, अपहरण, फिरौती और हवाला के कारोबार में भी उतर गया। 1993 बम ब्लास्ट के पीछे दाऊद इब्राहिम का बड़ा हाथ था, धमाकों के आरोपियों में दाऊद का भी नाम है।
दाऊद पर यह भी आरोप है कि उसने वर्ष 2008 में मुंबई हमले में भी आतंकियों की मदद की थी। दाऊद पर अल कायदा और लश्कर-ए-तैयबा जैसे बड़े आतंकी संगठनों की मदद का आरोप भी है। अमेरिका ने दाऊद को ग्लोबल आतंकवादियों की लिस्ट में भी डाला हुआ है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक दाऊद पिछले करीब 20 सालों से पाकिस्तान में है।