यूपी एटीएस कर रही एजाज से पूछताछ की तैयारी

1लखनऊ। इंडियन मुजाहिदीन (आइएम) के आंतकी एजाज शेख की गिरफ्तारी के बाद अब उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एटीएस) उससे पूछताछ के लिए दिल्ली से लखनऊ लाने की तैयारी कर रही है। इस बारे में औपचारिकताएं पूरी की जा रहीं है। उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर रखा है। गृह सचिव और डीजीपी ने सहारनपुर पुलिस कप्तान, डीआइजी और आइजी मेरठ जोन से इस बाबत रिपोर्ट तलब की है। पुलिस महानिदेशक एएल बनर्जी ने दिल्ली के अधिकारियों से घटनाक्रम की जानकारी ली है। अब यूपीएटीएस एजाज से पूछताछ करेगी। आतंकी एजाज की गिरफ्तारी से पुलिस और खुफिया इकाइयों के कान खड़े हो गए हैं। देवबंद में एजाज के तीन साथियों के छिपे होने की सूचना से अधिकारी सकते में हैं। आतंकियों के कनेक्शन तलाशने को सर्विलांस पर टीमें लगा दी गई हैं। जांच एजेंसियां पुरानी घटनाओं के आधार पर मामले की गहराई नाप रही हैं।
पुरानी और गहरी यादें
नवंबर 1994 में लश्कर-ए-तैयबा ने सहारनपुर के खाताखेड़ी इलाके में पांच विदेशी नागरिकों को बंधक बनाया था। उस समय अपहृत विदेशी नागरिकों को छोड़ने की शर्त जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर की रिहाई थी। गाजियाबाद में पुलिस के हत्थे चढ़े अहमद सईद उर्फ रोहित शर्मा ने बताया था कि विदेशी नागरिक सहारनपुर में बंधक बनाए गए हैं। गाजियाबाद की पुलिस ने आतंकियों से मुठभेड़ की थी और ध्रुव लाल यादव और एक सिपाही राजेश यादव इसमें शहीद हो गए थे। एक आतंकी भी मारा गया था। उस वक्त, सभी विदेशी नागरिकों को सकुशल छुड़ा लिया गया था। इसी तरह शहर पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल को गिरफ्तार किया गया था। उसने न केवल यहां राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया था बल्कि बाइक के लिए लोन तक ले लिया था। फिलहाल वह जेल में है। इसके अलावा संसद पर आतंकी हमले में प्रयुक्त कार भी सहारनपुर से खरीदी गई थी। हाल में गिरफ्तार आतंकी शुभान ने देवबंद से धार्मिक पुस्तक खरीदी और उसका बेटा भी देबवंद से गिरफ्तार हुआ। मार्च, 2010 को मुंबई में आतंकी गुट लश्कर के रियाज, अब्दुल लतीफ को मुंबई एटीएस ने पकड़ा था। उसके पास से सहारनपुर और मऊ के फोन नंबर मिले थे। कुछ समय पहले सहारनपुर आए तीन पाकिस्तानी नागरिक अभी तक लापता हैं। इनमें मोहल्ली शाहनूर जी में 15 साल पहले आए जन्नत अली एवं देवबंद आए शफी मोहम्म्द अभी भी लापता हैं। 1996 में मोम्म्मद युसूफ उर्फ फिरोज को भी पकड़ा गया था। कोर्ट ने उसे सीमापार छोड़ने के आदेश दिए थे, लेकिन वह रात में लॉकअप काटकर फरार हो गया था। उसका भी कोई सुराग नहीं है। अब पुलिस तमाम बिंदुओं पर जांच में जुट गई है।