स्कूल में 3 बच्चियों से सोने की बालिया उतरवा ले गया छात्र

lg646-1427345293इंदौर। स्कूल परिसर में खेल रही तीन बच्चियों के कान से एक किशोर सोने की बालियां उतरवा ले गया। किशोर ने बच्चियों को स्कूल की एक मैडम के नाम से पहले डराया, फिर सुनसान में ले जाकर बालियां उतरवा लीं। एक बच्ची ने बाली नहीं उतारी, तो जबरन खींच ली। इससे बच्ची के कान में चोट आई। परिजनों को 4 घंटे बाद घटना की सूचना दी गई, जिससे वे भड़क गए।

घटना किला मैदान रोड स्थित रामकृष्ण मिशन विघापीठ की है। यहां बुधवार सुबह 10:30 बजे आटो रिक्शा से साक्षी पिता नितिन श्रीवास्तव (8) निवासी बियावानी, शीतल पिता लालसिंह हटिला (9) निवासी 15वीं बटालियन व देविका (8) निवासी जिंसी स्कूल पहुंची। स्कूल में परीक्षा के कारण बच्चों को 11 बजे बाद ही प्रवेश दिया जाता है। इसके चलते तीनों बच्चियां स्कूल परिसर के मैदान में खेलने लगीं।

इसी बीच स्कूल की ड्रेस पहने एक किशोर पहुंचा। वह बच्चियों को एक तरफ सुनसान जगह ले गया और कहा कि मुझे अनिता जोशी मैडम ने भेजा है। तुम लोग अपनी सोने की बालिया उतार कर हमें दे दो। बाद में तुम्हें इससे बड़ी बालियों बनावकर दे देगे। किशोर ने एक कागज देते हुए तीनो बच्चियों से अपने नाम लिखने को कहा। किशोर ने बताया कि तुम लोगो का फोटो भी लिया जाएगा और स्कूल की पत्रिका शारदा में छपवाया जाएगा।

किशोर जब बालिया उतरवाकर ले गया उसके बाद बच्चिया भी वापस मैदान में आई। बच्चियों ने देखा कि बालिया उतरवाने वाला मेनगेट से होते हुए स्कूल के बाहर चला गया। घटना के बाद बच्चिया काफी घबरा गई थी। उन्होंने अपनी मैडल को घटना की जानकारी दी इसके बाद स्कूल प्रिसिंपल को घटना की जानकारी मिली। मल्हारगंज पुलिस ने लालसिंह की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

4 घंटे बाद दी सूचना

साक्षी के पिता नितिन ट्रांसपोर्ट संचालक है। नितिन ने बताया कि दोपहर करीब ३ बजे स्कूल से फोन आया और बताया गया कि बच्ची की सोने की बालिया चोरी हो गई है। आप स्कूल आ जाओं। वे लोग स्कूल पहुंचे तो पता चला कि बालिया चोरी नहीं हुई बल्कि स्कूल का ही एक बच्चा जबरन बालिया उतरवा ले गया है।

साक्षी के अलावा दो और बच्चियों के साथ घटना हुई है। स्कूल वालें ये नहीं बता पाए कि इतनी देर से उन्होंने घटना की जानकारी क्यों दी। स्कूल प्रबंधन ने कोई एक्शन नहीं लिया तो वे लोग मल्हारगंज थाने रिपोर्ट लिखाने पहुंचे। स्कूल प्रबंधन से मांग है कि यहा सिक्युरिटी का पूरा इंतजाम कर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए और बाहरी लोगो को स्कूल में आने से रोका जाए।

स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है

शीतल के पिता लालसिंह एसएएफ में हेडकांस्टेबल है। लालसिंह के अनुसार स्कूल में बच्ची की सुरक्षा की जिम्मेदारी रखना स्कूल प्रबंधन का ही दायित्व है। इस तरह बच्चियों के साथ घटना होने से उनकी सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है। जब हमने स्कूल प्रबंधन से इस बारें में बात की तो उनका कहना था कि हम तो स्कूल में चल रही परीक्षा में लगे हुए थे। स्कूल का समय 11 बजे है। रिक्शा वाले जल्दी लाकर बच्चों को छोड़ देते है। हमने स्कूल प्रबंधन से बच्चों सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान रखने को कहा है।

कान में आई चोट

घटना में देविका के कान में चोट आने की बात सामने आ रही है। साक्षी व शीतल ने बताया है कि जब देविका ने बाली नहीं उतारी तो जबरन कान से बाली खींच ली गई। इससे उसके कान में चोट भी आई है। देविका के परिजन अभी रिपोर्ट लिखाने भी नहीं पहुंचे है।

स्कूल में हुई परेड

घटना के बाद स्कूल में बड़ी कक्षा में पढऩे वाले लड़को की तीनो ही बच्चियों के सामने परेड कराई गई। उनमें से किसी को भी बच्चियों ने नहीं पहचाना। स्कूल प्रबंधन को लग रहा है कि बुधवार को स्कूल नहीं आए किसी बच्चे की भी ये हरकत हो सकती है। अब स्कूल वालें बुधवार को अनुपस्थित रहे बच्चों की जानकारी लेकर उनकी पहचान भी बच्चियों से करवाएगे।

समय से पहले पहुंचे थे बच्चे

स्कूल को बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाया गया है, जिस कारण माध्यमिक कक्षाएं दोपहर 12 से 5 बजे तक लगाई जा रही हैं। लेकिन कुछ बच्चे मना करने के बावजूद सुबह 10 बजे ही स्कूल पहुंच जाते हैं। इसलिए बच्चे स्कूल के ग्राउंड में खेलते रहते हैं। शिक्षक 11 बजे स्कूल पहुंचते हैं। इसी बीच यह हुआ। जैसे ही पता चला कि, तीन बच्चियों के कानों की बाली चोरी हो गई हैं, तो प्रार्थना के दौरान बच्चियों से लड़के के बारे में पूछताछ कराई।

लेकिन बच्चियों ने बताया कि, मौजूद बच्चों में से कोई नहीं है। इसके बाद पूरी कक्षाओं में भी बच्चियों को लेजाकर पूछवाया। इसके बाद परिजनों को इस संबंध में जानकारी दी। परिजनों ने कहा कि, वे पुलिस रिपोर्ट करेंगे इसलिए स्कूल की तरफ से रिपोर्ट नहीं की गई। ऐसे बच्चे जो सिर्फ बुधवार को अनुपस्थित थे और बाकी दिन उपस्थित थे उनकी भी जांच की जा रही है।
स्कूल द्वारा बच्चों को हर साल दी जाने वाली हैंडबुक में नियम लिखा होता है कि, बच्चे अपने साथ मोबाइल, कीमती सामान स्कूल न लाएं।
वीएस जादौन, प्रिंसिपल, रामकृष्ण मिशन स्कूल