18 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाना चाहती है सरकार

smart-city-54e4d2972b9d3_exlstराज्य सरकार प्रदेश के 18 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाना चाहती है। नगर विकास विभाग ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को शहरों के नाम के साथ उनकी खूबियों के बारे में बताते हुए पहले ही प्रस्ताव भेज दिया है।

अब केंद्र को तय करना है कि वह प्रदेश के कितने शहरों को पहले चरण में स्मार्ट सिटी बनाना चाहता है। उल्लेखनीय है, केंद्र सरकार ने देश के सौ शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का फैसला किया है।

स्मार्ट सिटी परियोजना में शहरों का कायाकल्प किया जाएगा। नगर विकास विभाग की जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, कानपुर, आगरा, मेरठ, मथुरा, मुरादाबाद, गाजियाबाद, बरेली, अलीगढ़, झांसी, गोरखपुर, सहारनपुर, फीरोजाबाद, अयोध्या, रामपुर व मुजफ्फरनगर को स्मार्ट सिटी बनाना चाहती है।

स्मार्ट सिटी योजना में केंद्र सरकार परियोजना की कुल लागत का 90 फीसदी देगी। राज्य सरकार को 10 फीसदी खर्च करना होगा। इसमें 5 प्रतिशत राज्य सरकार देगी और इतना ही संबंधित निकाय खर्च करेगा।

जानकारों के मुताबिक परियोजना 15 साल की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। योजना के लिए भूमि व्यवस्था पर आने वाले खर्च को परियोजना लागत में ही शामिल कर केंद्र सरकार से इसे लिया जाएगा।

स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होने वाले शहर के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तकनीकी रूप से दक्ष संस्थाओं से तैयार कराई जाएगी।

स्मार्ट सिटी में होंगे ये काम
इस परियोजना में शहरों को सभी सुविधाओं से युक्त किया जाएगा। लोगों को बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधा देने के लिए सिटी बस चलाने व इसके रख-रखाव को वर्कशॉप व डिपो बनाए जाएंगे।

शहरियों के लिए बेहतर पेयजल आपूर्ति, सीवर व जल निकासी की व्यवस्था होगी। शहरों में जरूरत के आधार पर सड़कें, आधुनिक कूड़ाघर और सड़क के किनारे सार्वजनिक शौचालय बनवाए जाएंगे।