कानपुर में स्वाधार आश्रम की छत से कूदकर किशोरी ने दी जान

13_06_2015-victim_girl_2लखनऊ। कानपुर में किशोरियों द्वारा प्रबंधन के लोगों पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाने और 31 लड़कियों के गायब होने के बाद विवादों में आए स्वाधार आश्रम में शनिवार को मूक बधिर किशोरी ने छत से छलांग लगाकर जान दे दी। किशोरी को हैलट अस्पताल भेजा गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया। अब आश्रम के कर्मचारी घटना को दबाने में जुट गए हैं। कहा जा रहा है कि दिल का दौरा पडऩे के कारण तखत से गिरकर मौत हुई है।
सात मई को एक अज्ञात किशोरी को कानपुर देहात के रनिया स्थित चाइल्ड हेल्प लाइन से पुलिस ने कानपुर के हसनपुर स्थित स्वाधार आश्रम में भेजा था। चूंकि किशोरी बोलने सुनने में अक्षम थी इसलिए आश्रम संचालकों ने उसका नाम गीता रख दिया था। शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे काउंसलर नीलम श्रीवास्तव ने इंस्पेक्टर कल्याणपुर को जानकारी दी कि गीता को चोट लग गई है। पुलिस पहुंची तो गीता आश्रम के एक कमरे में बेहोश पड़ी थी और संवासिनियां उसे घेरे थी। पुलिस ने किशोरी को अपनी गाड़ी से हैलट अस्पताल पहुंचाया। आश्रम की काउंसलर नीलम ने पुलिस को बताया कि किशोरी कमरे में सो रही थी तभी तखत से गिर गई। अनहोनी की आशंका से पुलिस को सूचना दी। दूसरी ओर आश्रम की संवासिनियों ने दबी जुबान बताया कि किशोरी दिन में गुस्सा होकर छत पर चली गई थी। फिर अचानक छत से आंगन में गिर गई। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसे कमरे में लिटा दिया गया। इंस्पेक्टर कल्याणपुर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि किशोरी के सिर में चोट लगने के कारण मौत होने की आशंका है। उसके चेहरे पर भी चोट के निशान हैं। पोस्टमार्टम के बाद ही कारण स्पष्ट होगा।

तीन दिन पहले दो लड़कियों द्वारा दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाए जाने के बाद स्वाधार आश्रम के संस्थापक श्रवण कुमार, उनका भाई राजकुमार कुशवाहा, भतीजे अभिषेक कुशवाहा और आश्रम की वार्डेन प्रतिभा अवस्थी इस समय जेल में हैं। एसीएम छह राजेंद्र त्रिपाठी की जांच में आश्रम में आर्थिक गड़बडिय़ों के संकेत पहले से ही मिल रहे हैं। अब आश्रम में किशोरी की संदिग्ध मौत के बाद हालात और खराब हो गए हैं।