किसी का वंश खत्म, किसी का सुहाग

कानपुर साउथ। सगे भाइयों समेत छह दोस्तों की डूबने से मौत पर जूही विनोबा नगर स्थित उनके घरों में कोहराम मच गया। मोहल्ले के हर शख्स की आंखें नम दिखीं। घर और मोहल्ले में खबर आते ही जो जिस हाल में था, दौड़ पड़ा। परिजन, नाते-रिश्तेदार गंगा बैराज और हैलट भागे। इस हादसे ने किसी का वंश खत्म कर दिया तो किसी का सुहाग छीन लिया।

डूबने वालों में चार छात्र थे
सत्यम एलएलबी और शिवम बीएससी कर रहा था। बगल में रहने वाले विजयशंकर वाजपेयी के यहां कई किराएदार रहते हैं। इनमें स्व. सुभाष तिवारी का पुत्र गोलू (22) फल का ठेला लगाता था, स्व. देवी प्रसाद सोनी का पुत्र रोहित (24) प्राइवेट नौकरी करता था, रमेश गुप्ता का पुत्र संदीप (20) बीएससी का छात्र था, जूही लाल कालोनी निवासी कैटरिंग कारोबारी विजय गुप्ता का पुत्र सचिन (20) बीएससी का छात्र था।
अभी तो मेहंदी का रंग भी नहीं पड़ा फीका
विनोबा नगर निवासी रोहित (25) प्राइवेट नौकरी करता था। वह चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। चार मार्च को ही उसकी शादी गल्ला मंडी निवासी नंदनी से हुई थी। रोहित सुबह पत्नी से कुछ देर में आने की बात कहकर दोस्तों के साथ घर से निकला था, लेकिन फोन पर हादसे की खबर मिली तो नंदनी को विश्वास नहीं हुआ। वह बदहवास हो गई। घर में मौजूद सास निर्मला और ननद पूनम भी उसे संभालते-संभालते बेसुध हो गईं। पिता देवता प्रसाद के निधन के बाद से रोहित प्राइवेट नौकरी कर घर की जिम्मेदारी संभाल रहा था। लोगों की जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी कि अभी नंदनी के हाथों की मेहंदी भी फीकी नहीं पड़ी थी और सुहाग उजड़ गया।
बारिश थी सो काम पर नहीं गए
मोहल्ले के अरुण गुप्ता के मुताबिक सभी लड़के मिलनसार थे। मोहल्ले के हर दुख-सुख में सभी बराबर शामिल रहते थे। इसके चलते सभी मोहल्ले वालों के लिए भी अपनों से कम नहीं थे। मोहल्ले के बुजुर्ग जगत नारायण शुक्ला का कहना है कि काम करने वाले लड़के सुबह अपने-अपने काम पर निकल जाते थे। शाम को ही घर लौटते थे। बारिश के कारण कोई काम पर नहीं गया था। सभी घर पर थे और मौत ही उन्हें बैराज तक खींच ले गई।
निकाह तय होने के बाद टूटी जिंदगी की डोर
डूब रहे छह दोस्तों को बचाने में मकसूद भी डूब गया। कर्नलगंज गम्मू खां का हाता निवासी रेडीमेड कारोबारी मंसूर आलम ने बताया कि छोटा भाई मकसूद अहमद एमकॉम करने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता और कोचिंग पढ़ाता था। हाल ही में उसका निकाह तय हुआ था। एक दिन पहले गेस्ट हाउस बुक किया था। शव गले लगाकर रोते हुए कहा भाई मुझे छोड़कर कहां चले गए।