बीमे की रकम के लिए मां ने बेटे का करवाया कत्ल, दो सालों से रच रही थी साजिश

एक मां पैसों की चाहत में इस कदर पागल थी कि उसने इसके लिए अपने 12 साल के बच्चे की बलि चढ़ा दी। आरोपी मां एक एनआरआई है और उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस खूनी खेल को अंजाम दिया। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक महिला और उसके साथियों ने इंश्योरेंस के पैसों के लिए बच्चे को गोद लिया था, जो कि उनकी योजना का एक हिस्सा था।

जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है उनका नाम आरती धीर, नीतीश मुंडे (27) और कंवलजीत हैं। आरती और नीतीश मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले हैं और कंवलजीत रायजादा केशोड का रहने वाला है। दरअसल, ये तीनों लंदन में रहते थे और साल 2015 से ही इंश्योरेंस के पैसों को चोरी से पाने का प्लान बना रहे थे।
बच्चे को किया किडनैप फिर चाकू घोंपा

तीनों ने इस वारदात को गुजरात के राजकोट में अंजाम दिया। 8 फरवरी के दिन नीतीश, बच्चा गोपाल और उसकी बड़ी बहन के पति हरसुख पटेल राजकोट के मालिया लौट रहे थे। नीतीश ने प्लान के तहत एक जगह गाड़ी को रुकवा दिया, वहां पर एक बाइक सवार आया और गोपाल को किडनैप करने की कोशिश करने लगा।

जब हरसुख ने उसका विरोध किया तो उसने चाकू से उस पर हमला कर दिया और बच्चे को छीन कर ले गया। आगे जाकर बाइक सवार ने गोपाल को कई बार चाकू घोंप दिया।

इसके बाद हरसुख ने बच्चे को किसी तरह ढूंढा और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपियों को पॉलिसी के तहt करीब 1.20 करोड़ मिलने थे, इसीलिए उन्होंने खूनी मंजर को अंजाम देने का अपराध किया था।