वीसी के खिलाफ अनशन जारी, समर्थन में भी अभियान

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। रजिस्ट्रार तथा सुरक्षा सलाहकार को हटाने की मांग को लेकर अब भी गतिरोध बना हुआ है। छात्रसंघ के बैनर तले सात छात्रों का बेमियादी अनशन तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। अध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर रामसेवक दुबे तथा अन्य शिक्षकों ने आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अफसरों की नियुक्ति, लाइब्रेरी से किताबें निर्गत करने की तारीख भी तय कर दी, लेकिन छात्र पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। दूसरी तरफ कुलपति के समर्थन में भी छात्रों का अभियान जारी रहा।
प्रोफेसर दुबे के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को फिर मांग माने जाने का लिखित आश्वासन दिया। रजिस्ट्रार ने लिखकर दिया कि 15 अप्रैल तक कुलसचिव, वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी लिखकर दिया कि 20 मार्च से लाइब्रेरी से किताबें निर्गत की जाएंगी। प्रोफेसर दुबे के साथ चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार तथा अन्य शिक्षक भी छात्रों से वार्ता के लिए छात्रसंघ भवन पर पहुंचे थे।

चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार ने भी आश्वासन दिया कि आत्मदाह करने वाले जाबिर रजा पर से मुकदमा वापस लिया जाएगा। इसके बाद भी अनशनकारी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। वे प्रोफेसर एनके शुक्ला को रजिस्ट्रार के पद से हटाकर किसी संयुक्त कुलसचिव को चार्ज देने तथा छात्र एवं सुरक्षा सलाहकार प्रोफेसर माता अंबर तिवारी को हटाए जाने की मांग पर अड़े थे। छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा का कहना था कि अन्य मांगों पर उनकी सहमति बन गई है। इन दोनों मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन सहमत हो जाए तो अनशन खत्म कर दिया जाएगा।

छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा का कहना था कि जब तक रजिस्ट्रार और सुरक्षा सलाहकार को हटा नहीं दिया जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा। अदील के अलावा अनशन करने वाले अन्य छात्र नीरज प्रताप सिंह, अनुभव उपाध्याय, अनुभव सिंह, आशुतोष पाठक, जितेंद्र कुमार बिंद और अनुज शुक्ल हैं। अनशन के समर्थन में भीम सिंह चंदेल, जिया कौनेन रिजवी, विश्वदीपक, विवेकानंद पाठक, अखिलेश गुप्ता, विक्रांत सिंह, अभिषेक तिवारी, सीएमपी छात्रसंघ के अध्यक्ष विशाल सिंह, हरिनाम सिंह आदि ने आंदोलन का समर्थन किया।

दिल्ली से लौटे ब्रजेश सक्सेना, संजय पांडेय, पवन यादव ने बताया कि मोहम्मद जाबिर रजा की तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। छात्र युवा संघर्ष समिति के सूरज सिंह, अंजनी कुमार मिश्र आदि ने छात्रसंघ के आंदोलन का भी समर्थन किया।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के समर्थन में बुधवार को भी छात्रों ने परिसर में जुलूस निकाला। एयू स्टूडेंट फोरम के बैनर तले उन्होंने कुलपति के समर्थन में जनसंपर्क अभियान भी चलाया। यूपी रिसर्च एसोसिएशन की ओर से मानव संसाधन विकास मंत्री से मिलकर कुलपति की उपलब्धियों को उनके सामने रखे जाने की घोषणा की गई।
फोरम के बैनर तले छात्र परिसर में जुलूस निकालते हुए कुलपति दफ्तर पर पहुंचे। वे ‘सेव विश्वविद्यालय सेव वीसी’ का नारा लगाते हुए चल रहे थे। छात्रों ने छात्रसंघ को बंद करने की भी मांग उठाई। छात्रों का कहना था कि कुलपति को मंत्रालय की जांच में भी क्लीन चिट दे दी गई है।

इस खुशी में उन्होंने गुलाल-अबीर भी उड़ाए। जुलूस में सर्वेश सिंह, नीरज सिंह, कमल किशोर उपाध्याय, निखलेश मिश्रा आदि शामिल रहे। यूपी रिसर्च एसोसिएशन की बैठक में भी कुलपति के फैसलों का समर्थन किया गया। सदस्यों ने छात्रसंघ के बैनर तले जारी आंदोलन के औचित्य पर सवाल उठाया। बैठक में निर्णय लिया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मानव संसाधन विकास मंत्री से मिलेगा और कुलपति की उपलब्धियों से उन्हें अवगत कराएगा। बैठक में डॉ.वशिष्ठ नारायण शुक्ल, राजेश शुक्ल, आरपी मिश्र, डॉ.विनोद शुक्ला, डॉ.वीसी चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।

अखिल भारतीय स्तर पर होने वाले सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन इंट्रेस टेस्ट में शामिल होने के इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना था कि इससे विश्वविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल बिगड़ेगा। उनका यह भी कहना था कि कॉमन इंट्रेस टेस्ट से देश के सभी बड़े और प्रतिष्ठित संस्थान बाहर हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉमन इंट्रेस टेस्ट में शामिल होने का प्रस्ताव मंगलवार को परीक्षा कराने वाली संस्था राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय को भेज दिया है।