यूपीआरटीओयू से केशरीनाथ त्रिपाठी को एलएलडी की उपाधि

इलाहाबाद। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को रविवार को यहां डॉक्टर ऑफ लॉज (एलएलडी) की मानद उपाधि दी गई। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (यूपीआरटीओयू) के 11वें दीक्षांत समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया। वह मुख्य अतिथि थे। अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा कमाई के साथ अध्ययन का बेहतरीन साधन है। आयोजन में कुल 13022 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। कुछ को स्वर्ण पदक भी दिए गए।

राज्यपाल व कुलाधिपति राम नाईक ने अपने संबोधन पर इस बात पर प्रसन्नता जताई कि साक्षरता दर में बालिकाएं आगे हैं। उन्होंने छात्रों को सफलता के सूत्र भी दिए। कहा खुश रहना, दूसरों की तारीफ और अहंकार मुक्त रहने वाला जीवन में कभी असफल नहीं होता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मात्र सीखने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका उद्देश्य संस्कृति और संस्कार आगे बढ़ाना हो। युवाशक्ति को उनकी इच्छा के अनुसार कॅरियर चुनने का मौका मिलना चाहिए। ई-गर्वनेंस से ज्ञान में बढ़ोतरी की बात कहते हुए उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में उच्च स्तरीय अध्ययन होने चाहिए। कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने संस्थान के विस्तार की जानकारी दी।

पदक पाकर फूले नहीं समाए

मुक्त विवि में विभिन्न विद्या शाखाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल के हाथों उपाधि पाने वालों में 10 छात्राएं और छह छात्र थे। चार को दोहरा पदक मिला। दीप्ति श्रीवास्तव, (लखनऊ) शिवांगी पुरवार, आराधना तिवारी, निधिरानी चौबे (वाराणसी), अर्शी फातिमा (सीतापुर), ममता पाल, वंदना कुमारी, शमामा परवीन और सुनीता पांडेय और छात्रों में विजय कुमार (आजमगढ़), प्रशांत कुमार सिंह (सोनभद्र), मन्ना लाल प्रसाद, आशीष कुमार राय, मनोज कुमार शुक्ल और अमरनाथ राज्यपाल के हाथों उपाधि पाकर फूले नहीं समाए। ज्ञानपुर की दिव्यांग छात्रा सुनीता पाण्डेय की उपाधि उसके पिता जयराम पाण्डेय ने ली।