दलाई लामा के दौरे पर भारत का चीन को दो-टूक, कहा- अंदरुनी मामलों में दखल ना दे

केद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने तिब्बती आध्यात्मिक धर्मगुरु दलाई लामा के भारत दौरे को राजानीतिक दौरा कहे जाने पर आपत्ति जताई है| भारत ने दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा पर चीन की आपत्ति पर कहा कि ‘कृत्रिम विवाद’खड़ा करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनका दौरा राजनीतिक नहीं है|

नई दिल्ली: केद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने तिब्बती आध्यात्मिक धर्मगुरु दलाई लामा के भारत दौरे को राजानीतिक दौरा कहे जाने पर आपत्ति जताई है| भारत ने दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा पर चीन की आपत्ति पर कहा कि ‘कृत्रिम विवाद’खड़ा करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनका दौरा राजनीतिक नहीं है.

दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा पूरी तरह धार्मिक

गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा पूरी तरह धार्मिक है और इसका कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए. भारत ने चीन से कहा कि वह हमारे अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे क्योंकि अरुणाचल प्रदेश हमारा अभिन्न हिस्सा है. रिजीजू ने कहा कि भारत चाइना पॉलिसी का सम्मान करता है. गौर हो कि दलाई लामा 18 अप्रैल तक अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर हैं. चीन ने दलाई लामा का भारत यात्रा पर आपत्ति जताई थी.

तनाव के बीच दलाई लामा का दौरा

तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा का यह दौरा उस वक्त हो रहा है जब कई मुद्दों को लेकर भारत-चीन संबंधों में तनाव चल रहा है .
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपेक) के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरने, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता के प्रयास को अवरूद्ध करने तथा जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित कराने के कदम को बीजिंग द्वारा रोकने को लेकर भारत-चीन संबंधों में तनाव आया है.

चीन ने जताई थी आपत्ति

चीन ने यह भी कहा था कि दलाई लामा 1959 में ‘विफल सशस्त्र विद्रोह’ के बाद भागकर भारत गए और वह ‘अलगाववादी गतिविधि’ में शामिल रहे हैं. दलाई लामा के एक बयान के बारे में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय ने से कहा, ‘उनके बयान चीन विरोधी अलगाववादी उद्देश्य की पूर्ति करते हैं और वे तथ्यों से परे हैं.’

चीन अरूणाचल पर दावा करता है

चीन ने कहा था कि भारत की ओर से तिब्बत के निर्वासित नेता को अरूणाचल यात्रा की अनुमति देने से द्विपक्षीय संबंधों को ‘गंभीर नुकसान’ होगा . चीन ने नई दिल्ली से ‘चुनने’ के लिए कहा था . एक महीने में दूसरी बार भारत को दी गई चेतावनी में चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दलाई लामा को अरूणाचल यात्रा के लिए अनुमति देने के भारत के फैसले से वह गंभीर रूप से चिंतित है. गौरतलब है कि चीन अरूणाचल को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताकर उस पर दावा जताता रहा है .