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यूपी चुनाव 2017: पीएम मोदी ने मायावती पर किया प्रहार, बोले- अब ‘बहनजी संपत्ति पार्टी’ बन गई है बसपा


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सपा, बसपा और कांग्रेस को एक ही थाली के ‘चट्टे बट्टे’ बताते हुए बुंदेलखण्ड की बदहाली के लिये इन्हीं तीनों को जिम्मेदार ठहराया। मोदी ने बुंदेलखण्ड क्षेत्र में आने वाले उरई में आयोजित चुनावी सभा में कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकार में पूरे बुंदेलखण्ड में सब कुछ तबाह हो गया है। बुंदेलखण्ड के लिये उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव एक बहुत बड़ा फैसला है। उसे तय करना है कि सपा, बसपा के चक्कर से निकलना है कि नहीं।
उरई (जालौन) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सपा, बसपा और कांग्रेस को एक ही थाली के ‘चट्टे बट्टे’ बताते हुए बुंदेलखण्ड की बदहाली के लिये इन्हीं तीनों को जिम्मेदार ठहराया। मोदी ने बुंदेलखण्ड क्षेत्र में आने वाले उरई में आयोजित चुनावी सभा में कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकार में पूरे बुंदेलखण्ड में सब कुछ तबाह हो गया है। बुंदेलखण्ड के लिये उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव एक बहुत बड़ा फैसला है। उसे तय करना है कि सपा, बसपा के चक्कर से निकलना है कि नहीं।

उन्होंने कहा कि परमात्मा ने बुंदेलखण्ड को बाकी सब कुछ दिया लेकिन जनता ने प्रदेश में ऐसी सरकारें बनायी हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया है। सपा, बसपा, कांग्रेस सभी एक ही सिक्के के अलग-अलग पहलू हैं, वे एक ही थली के चट्टे बट्टे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका वादा है कि जब उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी तो मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन एक स्वतंत्र बुंदेलखण्ड विकास बोर्ड बनाया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में फलफूल रहे अवैध खनन पर सैटेलाइट के जरिये निगरानी करके ना सिर्फ रोक लगायी जाएगी बल्कि इस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तो बसपा का नाम ही बदल गया है। अब वह बहुजन समाज पार्टी नहीं बल्कि ‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’ बन गयी है। जो लोग अपने ही खजाने भरना चाहते हैं क्या वह लोग आपकी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं? बुंदेलखण्ड के लोग यह बताएं कि जो अपने लिये धन जमा करते हैं, वे आपकी समस्या का कभी समाधान करेंगे क्या। मोदी ने कहा कि बुंदेलखण्ड ने सपा, बसपा, कांग्रेस को देख-परख लिया है। वे पीने का पानी तक नहीं दिला पाए, क्या उनके भरोसे आगे भी आपकी गाड़ी चलेगी। बुंदेलखण्डवासियों से आग्रह है कि 70 साल में बुंदेलखण्ड की जो बरबादी हुई है, उसे पांच साल में ठीक करना है, बुंदेलखण्ड को गड्ढे से बाहर निकालना है तो दिल्ली के साथ-साथ प्रदेश में भी ‘भाजपा का इंजन’ लगाना होगा।

मोदी ने अपनी ‘स्कैम’ सम्बन्धी टिप्पणी का एक बार फिर जिक्र किया कि भाजपा की लड़ाई स्कैम के खिलाफ है। अंग्रेजी के शब्द स्कैम में चार अक्षर होते हैं। एस- समाजवादी, सी-कांग्रेस, ए-अखिलेश, एम-मायावती। इस देश में घोटालों में भी ईमानदारी और सेवा का भाव देखने वाले एक नेता को यह भी समझ नहीं आया। उन्होंने कहा कि स्कैम सेवा है। इस चुनाव में जनता के पास स्कैम को प्रदेश से पूरी तरह निकालने का मौका है। इस स्कैम को बुंदेलखंड से बाहर फेंक दीजिये। मोदी ने दावा किया कि बुंदेलखण्ड को भी बदहाली के दौर से निकालकर विकास के मामले में अव्वल बनाया जा सकता है। अगर बुंदेलखंड को फलना फूलना है तो उसे अव्यवस्था से बाहर निकालने के लिए दो इंजनों उत्तर प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार की जरूरत होगी। खनिज बहुल बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश का चेहरा बदल सकता है, अवैध खनन को भी रोकना होगा। पांच साल में हम उस बुंदेलखंड को बदल कर रख देंगे जिसने पिछले 70 साल से कोई विकास नहीं देखा है।

उन्होंने गुजरात के कच्छ का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘गुजरात में कच्छ नामक जिला है, वहां बहुत बड़ा रेगिस्तान है। वर्ष 2001 में वहां भूकम्प आने के बाद हमने काम किया। कच्छ आज देश के सबसे तेज गति से जाने वाले जिलों में शामिल है। अगर इरादा नेक हो, विकास का विजन साफ हो और संकल्प शक्ति हो, तो कितने भी पिछड़े क्षेत्र को विकसित किया जा सकता है।

मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के थाने सपा या बसपा की सरकार में उनके दफ्तरों में तब्दील हो जाते हैं। बाहुबली लोग गरीबों और निर्दोषों की जमीनों को गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर लेते हैं। भाजपा का वादा है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ बहुत बड़ी मुहिम चलायी जाएगी। इसके लिये एक विशेष प्रकोष्ठ बनाया जाएगा और कब्जे वाली जमीन को उसके असली मालिक को दिलाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में तीन चरणों के चुनाव से साफ हो गया है कि राज्य में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।

समाजवादी पार्टी नेता राजेंद्र चौधरी का आपत्तिजनक बयान, PM नरेंद्र मोदी और अमित शाह को बताया आतंकी

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देकर विवादों में घिर गए हैं। सपा के मुख्य प्रवक्ता एवं अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले राजेंद्र चौधरी ने पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को आतंकी करार दे दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों आतंक पैदा करते हैं।
नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देकर विवादों में घिर गए हैं। सपा के मुख्य प्रवक्ता एवं अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले राजेंद्र चौधरी ने पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को आतंकी करार दे दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों आतंक पैदा करते हैं।

रविवार को तीसरे चरण के मतदान के बाद मीडिया से बात करते हुए चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह दोनों आतंकवादी हैं। चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गुजरात के दो जादूगर जोर-शोर से घूम रहे हैं। इनको लगता है कि उत्तर प्रदेश का वोटर राजनीति नहीं जानता और उसको गुमराह किया जा सकता है, लेकिन यहां का मतदाता राजनीति की मर्यादा के खिलाफ काम करने की अनुमति नहीं देगा। जनता को गुमराह करना एक राजनीतिक अपराध है। इन जादूगरों को अपनी रोजी-रोटी के लिए दूसरा धंधा अपनाना चाहिए।

जाकिर नाइक के एनजीओ IRF के दाउद इब्राहिम से संबंध, CFO आमिर गजधर ने किया खुलासा

विवादास्पद उपदेशक जाकिर नाइक के करीबी और उसके सीएफओ आमिर गजधर ने बड़ा खुलासा किया है। उसने पूछताछ में यह बताया है कि जाकिर के एनजीओ आईआरएफ यानी इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के लिए दाउद इब्राहिम भी फंडिंग करता था और एनजीओ आईआरफ के संबंध दाउद इब्राहिम से भी थे। आमिर ने कहा है कि दाउद ने एनजीओ आईआरएफ के लिए फंडिंग की थी। आईआरएफ के लिए पाकिस्तान और दुबई से फंडिंग होती थी। फंडिंग में हवाला डीलर सुल्तान अहमद बिचौलिया था।

नई दिल्ली: विवादास्पद उपदेशक जाकिर नाइक के करीबी और उसके सीएफओ आमिर गजधर ने बड़ा खुलासा किया है। उसने पूछताछ में यह बताया है कि जाकिर के एनजीओ आईआरएफ यानी इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के लिए दाउद इब्राहिम भी फंडिंग करता था और एनजीओ आईआरफ के संबंध दाउद इब्राहिम से भी थे। आमिर ने कहा है कि दाउद ने एनजीओ आईआरएफ के लिए फंडिंग की थी। आईआरएफ के लिए पाकिस्तान और दुबई से फंडिंग होती थी। फंडिंग में हवाला डीलर सुल्तान अहमद बिचौलिया था।

गौर हो कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने विवादास्पद उपदेशक जाकिर नाइक और अन्य के खिलाफ धनशोधन की अपनी जांच के सिलसिले में 16 फरवरी को उसके करीबी आमिर गजधर को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने दावा किया था कि एजेंसी केा संदेह है कि गजधर ने नाइक और उनके एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) की ओर से 200 करोड़ रुपये के नगद लेन-देन का कथित काम किया था। आईआरएफ के पीस टीवी के लिए गजधर की कंपनी कथित रूप से सामग्री प्रदान करती थी।

ईडी ने जाकिर नाइक को भी सम्मन जारी किया है जिनका अबतक एजेंसी के सामने पेश होना बाकी है क्योंकि वह विदेश में बताये जाते हैं। इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 51 वर्षीय नाइक के खिलाफ विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य को कथित रूप से बढ़ावा देने को लेकर आतंकवाद निरोधक कानूनों के तहत मामला दर्ज किया था। बताया जाता है कि नाइक गिरफ्तारी से बचने के लिए सउदी अरब में हैं, दरअसल पिछले साल के ढाका आतंकी हमले के कुछ हमलावरों ने दावा किया था कि उन्हें नाइक से प्रेरणा मिली थी।

(एजेंसी)

मेरी अगली फिल्म आपातकाल पर है: मधुर भंडारकर

वास्तविक मुद्दों पर फिल्म बनाने के लिए मशहूर निर्देशक मधुर भंडारकार ने शनिवार को कहा कि उनकी अगली फिल्म आपातकाल पर आधारित होगी जो आज की पीढ़ी को 1975 के आपातकाल के बारे में बताएगी।
कोलकाता : वास्तविक मुद्दों पर फिल्म बनाने के लिए मशहूर निर्देशक मधुर भंडारकार ने शनिवार को कहा कि उनकी अगली फिल्म आपातकाल पर आधारित होगी जो आज की पीढ़ी को 1975 के आपातकाल के बारे में बताएगी।

भंडारकर ने ‘7वें नेशनल साइंस फेस्टिवल एंड कॉम्पटीशन’ से इतर संवाददाताओं सें कहा कि ‘इंदू सरकार’ आपातकाल पर आधारित है। इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के लिए फिल्म का ट्रेलर जारी होने तक इंतजार करना होगा।

उन्होंने कहा, ‘मैं 42 वर्ष पीछे गया और 41 दिनों में शूटिंग पूरी कर ली गई। फिल्म बताती है कि किस प्रकार से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिकों की आवाज को दबाया गया। आपातकात ऐसा विषय है जिसके बारे में आज की पीढ़ी ज्यादा नहीं जानती।’ भंडारकर ने बताया, ‘हमने 1975 के दिल्ली का माहौल तैयार किया। हमने चांदनी चौक को दोबारा बनाया, हमने रेडियो से ले कर टाइपराइटर और उस दौर के वाहन इतनी सारी चीजें इकट्ठा कीं।’ उन्होंने बताया कि इंदू सरकार उनकी पहले की फिल्मों से अलग होगी।

बांग्लादेशी फिल्मकार मुस्तफा सरवर फारकी की फिल्म ‘नो बेड ऑफ रोजेज’ को प्रतिबंधित किए जाने की रिपोर्टों के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद किसी फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए।’ इरफान खान इस फिल्म के सह निर्माता और अभिनेता भी हैं।

यह फिल्म बांग्लादेशर लेखक और फिल्मकार हुमायुं अहमद के जीवन पर आधारित है।

आज से बचत खाते से हर हफ्ते निकालें 50 हजार रुपए, 13 मार्च से हटेगी लिमिट


20 फरवरी यानी आज सोमवार से बचत खाते से आप एक हफ्ते में 50,000 रुपए निकाल सकेंगे। आरबीआई यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद बचत बैंक खाते पर लगी नकद निकासी की सीमा में ढील देने की यह घोषणा 8 फरवरी को की थी जो आज से लागू हो रही है।
नई दिल्ली: 20 फरवरी यानी आज सोमवार से बचत खाते से आप एक हफ्ते में 50,000 रुपए निकाल सकेंगे। आरबीआई यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद बचत बैंक खाते पर लगी नकद निकासी की सीमा में ढील देने की यह घोषणा 8 फरवरी को की थी जो आज से लागू हो रही है।

अबतक नकद निकासी यह सीमा 24 हजार रुपए थी। 8 नवंबर से लागू हुए नोटबंदी के बाद ट्रांजेक्शन पर लिमिट लगाई गई थी जिसमें धीरे-धीरे करके ढील दी गई। आरबीआई ने वक्त-वक्त पर समीक्षा करके लिमिट को बढ़ाया है। आरबीआई के मुताबिक, यह सीमा भी सिर्फ 13 मार्च तक लागू रहेगी। इसके बाद बचत खाते से पैसे निकालने को लेकर कोई सीमा नहीं होगी। जो भी रकम आप एटीएम (ATM) से निकालते हैं, वह भी सेविंग खाते से निकासी में गिनी जाती है।

आरबीआई ने 8 नवंबर को 1000 और 500 रुपए के नोटों पर नोटबंदी के तहत लगी पाबंदी के बाद खातों से निकासी पर सीमा तय की थी। उस वक्त एटीएम से निकासी की अधिकतम सीमा 2,500 रुपए रखी गई थी। इसे बाद में बढ़ाकर 4,500 रुपए कर दिया गया था। 1 जनवरी से आरबीआई ने एटीएम से निकासी की सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपए और करेंट अकाउंट से नकद निकासी की सीमा को बढ़ाया था।

यूपीआरटीओयू से केशरीनाथ त्रिपाठी को एलएलडी की उपाधि

इलाहाबाद। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को रविवार को यहां डॉक्टर ऑफ लॉज (एलएलडी) की मानद उपाधि दी गई। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (यूपीआरटीओयू) के 11वें दीक्षांत समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया। वह मुख्य अतिथि थे। अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा कमाई के साथ अध्ययन का बेहतरीन साधन है। आयोजन में कुल 13022 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। कुछ को स्वर्ण पदक भी दिए गए।

राज्यपाल व कुलाधिपति राम नाईक ने अपने संबोधन पर इस बात पर प्रसन्नता जताई कि साक्षरता दर में बालिकाएं आगे हैं। उन्होंने छात्रों को सफलता के सूत्र भी दिए। कहा खुश रहना, दूसरों की तारीफ और अहंकार मुक्त रहने वाला जीवन में कभी असफल नहीं होता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मात्र सीखने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका उद्देश्य संस्कृति और संस्कार आगे बढ़ाना हो। युवाशक्ति को उनकी इच्छा के अनुसार कॅरियर चुनने का मौका मिलना चाहिए। ई-गर्वनेंस से ज्ञान में बढ़ोतरी की बात कहते हुए उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में उच्च स्तरीय अध्ययन होने चाहिए। कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने संस्थान के विस्तार की जानकारी दी।

पदक पाकर फूले नहीं समाए

मुक्त विवि में विभिन्न विद्या शाखाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल के हाथों उपाधि पाने वालों में 10 छात्राएं और छह छात्र थे। चार को दोहरा पदक मिला। दीप्ति श्रीवास्तव, (लखनऊ) शिवांगी पुरवार, आराधना तिवारी, निधिरानी चौबे (वाराणसी), अर्शी फातिमा (सीतापुर), ममता पाल, वंदना कुमारी, शमामा परवीन और सुनीता पांडेय और छात्रों में विजय कुमार (आजमगढ़), प्रशांत कुमार सिंह (सोनभद्र), मन्ना लाल प्रसाद, आशीष कुमार राय, मनोज कुमार शुक्ल और अमरनाथ राज्यपाल के हाथों उपाधि पाकर फूले नहीं समाए। ज्ञानपुर की दिव्यांग छात्रा सुनीता पाण्डेय की उपाधि उसके पिता जयराम पाण्डेय ने ली।

तीन साल से बच्चियों का यौन शोषण कर रहा था केंद्रीय विद्यालय का प्रिंसिपल

बंगलूरू में केंद्रीय विद्यालय के प्रिसिंपल को घिनौनी हरकत करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। एक्स प्रिंसिपल का नाम कुमार ठाकुर है और उसके खिलाफ एक बच्ची के यौन शोषण की वजह से ये बड़ा कदम उठाया गया है। बताया जा रहा है कि वो तीन साल से स्कूल की लड़कियों को अपना शिकार बना रहा था।

केंद्रीय विद्यालय संगठन ने बताया कि केवीएस रिजनल ऑफिस के डिप्टी कमीश्नर की ओर से बनाई गई जांच समिति ने प्रिंसिपल के इस कारण गिरफ्तार भी करने का फैसला दिया था, लेकिन उन्हेंबाद में बेल पर छोड़ दिया गया और दूसरे स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया है।
ऐसे हुआ खुलासा

ठाकुर को प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्सुयल ऑफेन्स (पोस्को) के तहत गिरफ्तार किया गया था। 2 फरवरी को बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने वाले कर्नाटक स्टेट कमीशन ने ठाकुर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक वो करीब तीन साल से 10 और 12 क्लास की लड़कियों का यौन शोषण कर रहा था।

‘मुझे टेप लगाना पसंद नहीं , बिना कपड़ों के इंटीमेट सीन करना अच्छा लगता है’

पिछले कुछ दिनों से बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत सुर्खियों में छाई हुई हैं। वो कहीं भी कुछ भी बोलती नजर आ रही हैं। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने कहा था कि उनके सारे एक्स ब्वॉयफ्रेंड्स उनके पास वापिस लौटना चाहते है और अब उन्होंने एक और बड़ा बयान दिया है। कंगना ने एक इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें फिल्मों में इंटीमेट सीन करना अच्छा लगता है।

आपको बता दें कि निर्देशक विशाल भारद्वाज की आने वाली फिल्म ‘रंगून’ में शाहिद कपूर और कंगना रनौत के इंटीमेट सीन्स इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में कंगना ने बताया कि इंटीमेट सीन्स की शूटिंग करने में वो कंफरटेबल महसूस करती हैं।

‘रंगून’ के गाने ‘ये इश्क है’ में शाहिद कपूर और कंगना रनौत नदी के किनारे इंटीमेट होते नजर आ रहे हैं। जब इस सीन की शूटिंग से संबंधित सवाल कंगना से किए गए तो उन्होंने बताया कि विशाल सर ने उनसे इन सीन्स के बारे में पहले चर्चा नहीं की थी। ये सीन फिल्मिंग के दौरान आए और वो इंटीमेट सीन्स को लेकर कभी चिंता नहीं करती हैं। उन्हें इंटीमेट सीन करना अच्छा लगता है।

इंटरव्यू में कंगना ने बताया कि उन्हें याद है एक सीन में शाहिद उनकी पीठ से जोंक निकाल रहे थे। तभी अचानक उनके ब्रेस्ट पर कुछ फंस गया। ऐसी हालत में कुछ लोग बॉडी पर टेप लगाने के बारे में कह रहे थे लेकिन उन्होंने टेप नहीं लगाया था। कुछ देर बार वो पलटी तो उन्होंने कुछ भी पहन नहीं रखा था। फिल्म का क्रू चाहता था कि वो टेप से अपना बदन ढक लें लेकिन वो सिर्फ पीठ का शॉर्ट था और इसमें कोई हर्ज की बात नहीं थी।

उनके हिसाब से विशाल ये जानते हैं कि कंगना अपनी बॉडी को खुली तिजोरी की तरह ट्रीट नहीं करती। वो नहीं समझती कि उनका शरीर खुली तिजोरी है। वो अपने इंटीमेट सीन्स को सहजता से कर सकती हैं। अगर बैकलेस सीन है तो भी उन्हें कोई परेशानी नहीं होती। वो बिना टेप के बैकलेस सीन्स कर सकती हैं।

वहीं कंगना ने फिल्मों के आइटम नंबर के बारे में कहा कि उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं है कि फिल्मों में आइटम नंबर दिखाया जाए। वो आइटम नंबर्स के भी खिलाफ हैं लेकिन इंटीमेट सीन्स करने में सहज हैं।

लोन न चुका पाने पर किसान ने चुनी ऐसी मौत, दहल जाएगा दिल

देश में किसान कर्ज चुकाने के बोझ से अबतक मुक्त नहीं हुए हैं। कर्ज का बोझ उन पर इतना ज्यादा है कि कुछ न कर सकने की स्थिति में वे आत्महत्या का रास्ता ही अपनाते हैं। कर्नाटक में एक लाचार किसान ने ऐसा ही किया वो घर से खेत जाने की बात बोल कर निकला, लेकिन चंद घंटों बाद उसकी लाश मिली।

उसकी मौत का कारण था कुछ और नहीं बल्कि उधार का पैसा था, जिसे वो दिन-रात मेहनत करके भी चुका नहीं पाया। ये दर्दनाक घटना कर्नाटक के हुबली की है, जहां किसान सुबह 5 बजे जाकर बिजली के हाईवॉलटेज टावर पर बैठ गया।

अंग्रेजी वेबसाइट की खबर के मुताबिक हवेरी जिले के रहने वाले चमनसब अर्सिनागुप्पी (58) ने शुक्रवार को यह कदम उठाया। दरअसल, चमनसब की फसल बर्बाद होने के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाया।उसे मालूम था कि अभी टावर में करंट नहीं है फिर भी दिल पर पत्थर रखकर वो वहां बैठ गया।

बैंक का लोन चुकाने के लिए मनीलॉन्डर्स से उठाए पैसे

आत्महत्या के दिन घर वालों ने जब किसान से पूछा कि कहा जा रहे हो, तो बोला कि खेत जा रहा हूं। लेकिन वो टॉवर पर जा कर बैठ गया। वो करीब दो घंटे तक वहां बैठा रहा पर किसी की नजर वहां नहीं गई, लेकिन सुबह 8 बजे लोगों का ध्यान गया कि किसान ने मौत को मुंह लगा लिया।

इस सनसनीखेज घटना के बाद वहां लोगों का जमावड़ा लग गया। दरअसल चमनसब ने ज्वार की खेती के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 3 लाख रुपये का लोन लिया था।

इसके बाद उसने लोन की रकम लौटाने के लिए मनीलॉन्डर्स से मोटी ब्याज दर पर पैसा उधार ले लिया दी जिसका डर था वहीं होना लगा, मनीलॉन्डर्स उसे रोज प्रताड़ित करने लगे। चमनसब की सात बच्चे हैं, जिनमें पांच लड़कियां हैं।

मनीलॉन्डर्स ही नहीं बैंक भी करते थे प्रताड़ित

चमनसब ने दो लड़कियों की शादी कर दी, लेकिन उसकी जिम्मेदारी का सफर अभी काफी लंबा था। किसानों के लीडर ने कहा कि मनीलॉन्डर्स ही नहीं चमनसब को बैंक भी लोन चुकाने के लिए दबाव बनाया करते थे।

कृषि विभाग की ओर से जारी किए गए आकंड़े में सामने आया कि करीब 77 किसान इसी वजह से खुद को खत्म कर चुके हैं। हैरान करने वाली बात है कि इनमें 56 किसान इसी हवेरी जिले के हैं।

‘वह आज भी वही मुलायम हैं।’ – सुब्रमण्यम स्वामी

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव से रविवार काे भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी मिले ताे सियासी बाजार में हलचल मच गया। स्वामी मुलायम के मेहमाननवाजी के मुरीद हो गए। मुलायम से मुलकात के बाद स्वामी ने बाकायदा ट्वीट करके कहा ‘वह आज भी वही मुलायम हैं।’

सुब्रह्मण्यम स्वामी रविवार को निजी दौरे पर राजधानी आए थे। वह अपने मित्र विश्व हिंदू परिषद के नेता राम औतार शंखधर के बेटे की शादी में शामिल होने आए थे। शंखधर के यहां कार्यक्रम में शामिल होने के बाद स्वामी मुलायम से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए। चाय-समोसे के साथ दोनों के बीच तकरीबन 25 मिनट तक गुफ्तगू हुई।

दोनों ने न सिर्फ मौजूदा सियासी हालात पर बातचीत की बल्कि पुरानी यादें भी ताजा कीं। स्वामी व मुलायम की भेंट को लेकर राजनीतिक हल्कों में चर्चाएं भी होने लगी हैं। मुलायम से मुलाकात के बाद स्वामी ने आज की मुलाकात की तस्वीरों के साथ एक पुरानी तस्वीर को भी पोस्ट करते हुए ट्वीट किया कि -‘मुलायम के घर पहुंचा हूं। उन्होंने मुझे जोर से गले लगाया और मेरे लिए चाय और समोसे की व्यवस्था करने लगे। वे आज भी वही मुलायम हैं।’

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Subramanian Swamy ✔ @Swamy39
Just arrived Mulayam’s house. He gave me a big hug and gone to get me tea and samosa. Still the same Mulayam
5:57 PM – 19 Feb 2017
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पाकिस्तानी खिलाड़ी शाहिद अफरीदी ने लिया संन्यास, इस रिकॉर्ड से बनाई थी अलग पहचान

पाकिस्तान के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट का एलान कर दिया है। इस धुआंधार ऑलराउंडर ने रविवार (19 फरवरी) को अपने 21 साल के लंबे अंतरराष्ट्री य क्रिकेट करियर पर विराम लगा दिया।
अफरीदी टेस्ट और वनडे क्रिकेट को पहले ही अलविदा कह चुके थे और सिर्फ टी-20 क्रिकेट खेल रहे थे। अफरीदी ने साल 2016 में भारत में हुई वर्ल्ड टी20 चैंपियनशिप में पाकिस्ताेन की कप्तानी भी की थी। इस टूर्नामेंट के बाद उन्होंने पाकिस्तान टीम की कप्तानी छोड़ दी थी लेकिन खेलते रहने की बात की थी। हालांकि तभी से ही अफरीदी के संन्यास लेने के अटकलें लगाई जाने लगी थी।

अफरीदी ने जमाया था सबसे तेज़ शतक

शाहिद अफरीदी साल 1996 में तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ वनडे में सिर्फ 37 गेंद में शतक जमाकर विश्व क्रिकेट में तहलका मचा दिया था। इतना ही नहीं अफरीदी ने इस कमाल को अपने दूसरे ही वनडे मैच में कर दिया था। अफरीदी की इस तूफानी सेंचुरी का रिकॉर्ड 17 साल तक बरकरार रहा था।

बल्ले के साथ-साथ शाहिद अफरीदी गेंद से भी कमाल करने में माहिर रहे। उनकी अपनी गेंदबाज़ी की बदौलत भी पाकिस्तान की झोली में बहुत सी जीत डाली। इसमें साल 2009 का वर्ल्ड टी20 जीतना भी शामिल है। बल्लेबाज़ी में जिस तरह अफरीदी अपने छक्के मारने के स्टाइल के लिए जाने जाते ठीक उसी तरह स्पिन गेंदबाज़ी करते हुए तेज़ गेंद फेंकने की उनकी कला बल्लेबाज़ों को होश उड़ा देती थी।

अफरीदी ने पाकिस्तान की तरफ से खेलते हुए 27 टेस्ट़ में 1176 रन बनाए और 48 विकेट झटके। उनका बेस्ट स्कोेर 156 रन है। वहीं 398 वनडे में उन्होंएने 8064 रन बनाए और 395 विकेट लिए। टी20 क्रिकेट में अफरीदी ने 1405 रन बनाए और 97 विकेट लिए। वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी शाहिद अफरीदी के ही नाम है।

नकदी में दो लाख से अधिक के गहनों की खरीद पर लगेगा टैक्स

नई दिल्ली, प्रेट्र। पहली अप्रैल से आपको दो लाख रुपये से अधिक की ज्वैलरी कैश में खरीदने पर एक फीसद टैक्स देना होगा। अभी स्रोत पर एकत्रित इस टैक्स यानी टीसीएस के लिए नकदी खरीद की सीमा पांच लाख रुपये है। वित्त विधेयक 2017 पारित होने के बाद गहने भी सामान्य वस्तुओं की कैटेगरी में आ जाएंगे। सामान्य वस्तुओं पर दो लाख से अधिक की नकद खरीद पर एक प्रतिशत टीसीएस देना होता है। पिछले बजट में यह टैक्स लगाया गया था। वित्त विधेयक 2017 में टीसीएस के लिए कैश में गहनों की पांच लाख से अधिक की खरीद सीमा को खत्म करने का प्रस्ताव है। इसकी वजह यह है कि 2017-18 के बजट में तीन लाख रुपये से अधिक के नकदी सौदों पर पाबंदी लगा दी गई है। यह भी पढ़ें: शादी के 8 दिनों बाद ही गहने और नकदी समेत फरार हुई दुल्हन इसका उल्लंघन करने पर नकदी लेने वाले व्यक्ति पर उतनी ही राशि का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। यानी अगर आप पांच लाख रुपये की ज्वेलरी कैश देकर खरीदते हैं, तो ज्वैलर को सीमा से अधिक की दो लाख रुपये की राशि के बराबर पेनाल्टी चुकानी होगी। चूंकि ज्वैलरी की खरीद के लिए कोई खास प्रावधान नहीं है। ऐसे में अब इसे सामान्य वस्तुओं के साथ मिला दिया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, ‘आयकर कानून में दो लाख से अधिक की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद पर एक प्रतिशत का टीसीएस लगाने का प्रावधान है। वस्तुओं की परिभाषा में आभूषण भी आते हैं। ऐसे में नकदी में दो लाख से ज्यादा के गहनों की खरीद पर एक फीसद टीसीएस लगेगा। बड़ी राशियों के लेनदेन के जरिये काले धन के सृजन को रोकने के लिए बजट प्रस्ताव के बाद पांच लाख की सीमा को खत्म करने को संसद की मंजूरी मिल गई है।