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5 करोड़ की कार में सीएम आवास की तरफ जा रहे थे प्रतीक, पुलिस ने…

मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव अपनी 5 करोड़ की लैम्बॉर्गिनी कार को लेकर चुनाव में खूब सुखि‍र्यों में रहे। वे अक्सर लखनऊ स्थि‍त सीएम आवास के सामने से अपनी महंगी कार में चलते नजर आए।

लेकिन इस बार उन्हें इस सड़क पर भी एंट्री नहीं मिली। दरअसल सोमवार को प्रतीक ने जैसे ही 5 KD की तरफ कार मोड़ी, यहां मौजूद सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें वापस लौटने का निर्देश दे दिया।

जिसके बाद उन्हें यहां से लौटना पड़ा।  सोमवार को लखनऊ स्थित सीएम आवास पर पूजा पाठ का काम हो रहा था। योगी आदित्यनाथ के सीएम आवास में शि‍फ्ट होने से पहले इसका शुद्धिकरण कराया। 
शुद्धिकरण के बाद योगी आदित्यनाथ वीवीआईपी गेस्ट हाउस से सीएम आवास के लिए निकले थे। जिसकी वजह से यहां की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।

साथ ही इस सड़क पर आम लोगों के लिए एंट्री बैन की गई थी।  इसी बीच प्रतीक यादव अपनी 5 करोड़ की कार में यहां पहुंच गए। जब सुरक्षा अधिकारियों ने देखा कि वे 5 केडी की ओर कार को मोड़ रहे हैं तो उन्हें यहां से वापस जाने का निर्देश दिया। 

प्रतीक ने सुरक्षा अधि‍कारी के निर्देश का पालन करते हुए कार को मोड़ लिया और वापस लौट गए। प्रतीक यादव की यह कार सबसे पहले सुर्ख‍ियों में तब छाई थी, जब वे इसे लेकर सीएम आवास के सामने से निकले थे। इस विदेशी कार की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए है।
मीडिया में खबर आने के बाद विपक्षी दलों ने इसे ‘ये है असल समाजवाद’ का स्‍लोगन देकर हाईलाइट किया था।  इसमें यह भी बताया जा रहा था कि मुलायम ने राजनीति से अपने परिवार को फायदा पहुंचाया है।

फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ में सलमान की एक्टिंग के साथ दिखेगा यूलिया के सिंगिंग का टैलेंट..

सलमान खान की दरियादिली तो जगजाहिर है औऱ जब वह किसी से खुश होते है तो उनके लिए कुछ भी करने से पीछे नहीं हटते है। फिर चाहे बात उनके दोस्तो की हो या फैमिली की सलमान हमेशा उनके लिए खड़े रहते है।

बॉलीवुड में न्यूकमर्स और न्यू टैलेंट को सबसे ज्यादा सलमान खान ही प्रमोट करते है। यहां बात हो रही है सलमान खान की खास दोस्त यूलिया की। अब जब दोस्ती खास है तो किसी खास खबर का आना तो बनता है। खबर यह है कि सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट में एक खास गाना होगा जिसे यूलिया अपनी आवाज देगी।

सलमान की फिल्म में गाने को मौका यूलिया के लिए एक बड़ी खुशखबरी होगी। लेकिन दोस्ती से ज्यादा यूलिया को ये मौका अपने टैलेंट की वजह से मिला है। यूलिया एक अच्छी सिंगर है। पिछले दिनों हिमेश रेशमिया के साथ यूलिया का एक गाना आया था जिसमें उनकी आवाज को बेहद पसंद किया गया था। इस गाने का टाइटल था ‘Every Night And Day’. यहीं नहीं वह हिन्दी को लकर भी बहुत सहज है। अब इतने अच्छे सिंगिग फीडबैक के बाद एक मौका मिलना तो बनता ही है।

गाने के बोल के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन यूलिया की आवाज को देखते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि वह एक खूबसुरत रोमांटिक गाने को अपनी आवाज देगी। 

यूपी चुनावः बुंदेलखंड में डाकुओं के फरमान नहीं चल रहे जातिवाद के जहर बुझे तीर………

जहां कभी डाकुओं के फरमान और गोलियों की गूंज से चुनावी भाग्य के फैसले होते थे अब वहां जातिवाद के जहरबुझे तीर से सियासी लड़ाई जीतने की कोशिश खुलेआम हो रही है।  बांदा (जेएनएन)। जहां कभी डाकुओं के फरमान और गोलियों की गूंज से चुनावी भाग्य के फैसले होते थे अब वहां जातिवाद के जहरबुझे तीर से सियासी लड़ाई जीतने की कोशिश खुलेआम हो रही है। राजनीतिक दलों ने इसे सोशल इंजीनियरिंग का नाम दे दिया है। अदालत और चुनाव आयोग के आदेश बेमानी हो गए हैं। बांदा से नेशनल ब्यूरो के उप प्रमुख सुरेंद्र प्रताप सिंह- ‘लड़ै कोई जीतिहैं विवेकै। इस बार यह जुमला खतरे में है। तीन बार से यहां के विधायक रहे कांग्रेस के प्रत्याशी के लिए इस बार के बनते बिगड़ते समीकरण और सत्ता विरोधी लहर उनके लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। भाजपा प्रत्याशी प्रकाश द्विवेदी उनके लिए मुश्किलें पेश कर रहे हैं। वहीं सपा ने जिस मुस्लिम प्रत्याशी के नाम की घोषणा पहले ही कर दी थी, उसकी नाराजगी का नजला भी उन्हीं पर गिर रहा है। बांदा सदर और तिंदवारी जैसी ठाकुर बहुल सीटें कांग्रेस के पास हैं, जिसे बचाने में कांग्रेस को पसीने छूट रहे हैं। सोशल इंजीनियरिंग के तहत भाजपा ने तिंदवारी में प्रजापति उम्मीदवार उतारा है।

जबकि यहां निषाद और ठाकुरों का प्रभुत्व रहा है। यहां से 11 बार ठाकुर और सात बार निषाद चुनाव जीते हैं। जाहिर है भाजपा इन दो जातियों के प्रभुत्व के खिलाफ उपजे असंतोष का फायदा उठाना चाहती है। बसपा से आये ब्रजेश प्रजापति को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें जिताने के लिए स्वामी प्रसाद मौर्या ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। बांदा जिले की चार विधानसभा सीट सदर, नरैनी, तिंदवारी और बबेरू में से दो सीटें कांग्रेस के पास हैं। जबकि एक-एक सीट सपा और बसपा के पास है। तिदंवारी के सुमेर बाबू का कहना है ‘लोगों का मन बदला है। 1991 से सपा और बसपा का राजकाज देखि देखि सब उबियाय गये हैं। बहुत दिनां बाद बीजेपी और मोदी जैसा विकल्प मिला है। दिल्ली जैसे लखनऊ में भी कुछ कइन दीहैं।

वहीं तिंदवारी सीट है, जहां से वीपी सिंह चुनाव जीते तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। बांदा में भाजपा इस बार सभी सीटों पर अच्छी लड़ाई लड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोगों की बड़ी उम्मीदें हैं। बड़ी जातियों से कहीं ज्यादा छोटी व पिछड़ी जातियों में ‘मोदी का क्रेज है। उन्हें लगता है कि सरकारी धन की चोरी करने वाले धन्नासेठ जरूर पकड़े जायेंगे। चित्रकूट जिले की दोनों सीटें हैं तो ब्राह्मïण बाहुल्य लेकिन दोनों सीटों पर पिछड़ी जातियो का कब्जा रहा है। ददुआ जैसे खूंखार डकैत का भाई, भतीजा और बेटे समेत कई और परिवारी जन राजनीति के मैदान में हैं। उसका बेटा वीर सिंह समाजवादी पार्टी का चित्रकूट से विधायक है। उसके खिलाफ बसपा और भाजपा दोनों ने ब्राह्मïण उम्मीदवार उतारा है। विधायक के कामकाज के तौर तरीके से यहां व्यापारी और कारोबारी सख्त खफा हैं l

दलित समूह से कोरी, खटिक, बाल्मीक, पासी और कोल जैसी जातियां बिखर रही हैं जो बसपा को कमजोर कर सकती हैं। मानिकपुर विधानसभा सीट पर कभी बसपा के दिग्गज रहे आरके पटेल ने भाजपा के उम्मीदवार है। उनका मुकाबला कांग्रेस के संपतपाल से है, जो चर्चित गुलाबी गैंग की संस्थापक महिला नेता हैं और बसपा के मौजूदा विधायक चंद्रभान सिंह के लिए खतरा हैं। जबकि यहीं से बसपा से बाहर हुए पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद और पूर्व विधायक दिनेश मिश्रा भी भाग्य आजमा रहे हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे रेप के आरोपी मंत्री गायत्री प्रजापति, गिरफ्तारी पर रोक की लगाई गुहार

रेप के आरोपी सपा नेता व यूपी सरकार में मंत्री गायत्री प्रजापति अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार, गायत्री प्रजापति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर दर्ज करने के आदेश को वापस लेने की गुहार लगाई है। उनकी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।
लखनऊ : रेप के आरोपी सपा नेता व यूपी सरकार में मंत्री गायत्री प्रजापति अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार, गायत्री प्रजापति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर दर्ज करने के आदेश को वापस लेने की गुहार लगाई है। उनकी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।

प्रजापति का कहना है कि अदालत ने उनका पक्ष जाने बिना आदेश पारित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को दायर याचिका में प्रजापति ने कहा कि बिना उन्हें नोटिस भेजे बिना और बिना उनका पक्ष जाने फैसला ले लिया गया। इसलिय उक्‍त को आदेश वापस लिया जाए। साथ ही उन्होंने गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग भी की है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक महिला के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार और उसकी बेटी के साथ बलात्कार की कोशिश के आरोप में बीते दिनों सरकार के वरिष्ठ मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में प्रजापति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।

प्रजापति और उनके छह साथियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित बलात्कार एवं बलात्कार की कोशिश संबंधी विभिन्न धाराओं में गौतमपल्ली पुलिस थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया। उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया था कि वह इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करके आठ सप्ताह के भीतर मामले की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे।

गौर हो कि गायत्री पर 35 वर्षीय एक महिला का आरोप है कि जब वह उनसे तीन वर्ष 2014 में पहले मिली थी तो उन्होंने उसके साथ बलात्कार किया। गायत्री ने पीडि़ता के कुछ आपत्तिजनक फोटो भी लिये और धमकी दी कि वह इन फोटो को सार्वजनिक कर देंगे। इस धमकी के दम पर वह दो साल तक बलात्कार करते रहे।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश ने प्रजापति को मंत्री परिषद से बर्खास्‍त कर दिया था। मगर मुलायम सिंह यादव के दखल के बाद उन्हें पुन: मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया और वे अमेठी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं।

बीजेपी सांसद योगी आदित्‍यनाथ का विवादित बयान- अखिलेश यादव की तुलना औरंगजेब और कंस से की

बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने एक विवादित बयान देकर यूपी के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। बहराइच में एक रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजली के मुद्दे पर अखिलेश सरकार पर जमकर हमला किया।
बहराइच/लखनऊ : बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने एक विवादित बयान देकर यूपी के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। बहराइच में एक रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजली के मुद्दे पर अखिलेश सरकार पर जमकर हमला किया।

उन्‍होंने कहा कि कहा कि सपा सरकार के शासन में बिजली के वितरण में जमकर भेदभाव हुआ। दरगाहों को 24 घंटे बिजली दी गई लेकिन मंदिरों में अंधेरा छाया रहा। अखिलेश सरकार ने बिजली देने में भेदभाव किया है। बीजेपी सांसद ने अखिलेश यादव की कंस और औरंगजेब से तुलना की और कहा कि पिता को सत्ता से बेदखल कर अखिलेश ने सत्ता हासिल की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्‍तर प्रदेश को ढाई साल में ढाई लाख करोड़ दिए लेकिन इसमें से अधिकांश पैसा सैफई चला गया। और जो बचा वह कब्रिस्तान की बाउंड्री में लग गया। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी भी बीते दिनों राज्‍य में बिजली वितरण के मुद्दे पर अखिलेश सरकार पर हमला बोल चुके हैं।

बाद में उन्‍होंने एक और जनसभा में कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे कांग्रेस के लिए सबसे बड़े अपशकुन हैं। यदि वह (राहुल) किसी प्रत्याशी के प्रचार में निकल जाएं तो समझ लो उसकी हार पक्की है।

इससे पहले, कानपुर में एक रैली के दौरान सपा की सरकार पर उत्तर प्रदेश में दंगे कराये जाने का आरोप लगाते हुये भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सपा और बसपा ने प्रदेश के बहुसंख्यकों को अपमानित करने का काम किया है। इसलिये सभी लोग संकल्प लें, ऐसे राजनीतिक दलों को सत्ता से दूर रखें और सबकी सुरक्षा सबका विकास का नारा देने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश में बनाएं।

यूपी चुनाव 2017: पीएम मोदी ने मायावती पर किया प्रहार, बोले- अब ‘बहनजी संपत्ति पार्टी’ बन गई है बसपा


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सपा, बसपा और कांग्रेस को एक ही थाली के ‘चट्टे बट्टे’ बताते हुए बुंदेलखण्ड की बदहाली के लिये इन्हीं तीनों को जिम्मेदार ठहराया। मोदी ने बुंदेलखण्ड क्षेत्र में आने वाले उरई में आयोजित चुनावी सभा में कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकार में पूरे बुंदेलखण्ड में सब कुछ तबाह हो गया है। बुंदेलखण्ड के लिये उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव एक बहुत बड़ा फैसला है। उसे तय करना है कि सपा, बसपा के चक्कर से निकलना है कि नहीं।
उरई (जालौन) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सपा, बसपा और कांग्रेस को एक ही थाली के ‘चट्टे बट्टे’ बताते हुए बुंदेलखण्ड की बदहाली के लिये इन्हीं तीनों को जिम्मेदार ठहराया। मोदी ने बुंदेलखण्ड क्षेत्र में आने वाले उरई में आयोजित चुनावी सभा में कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकार में पूरे बुंदेलखण्ड में सब कुछ तबाह हो गया है। बुंदेलखण्ड के लिये उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव एक बहुत बड़ा फैसला है। उसे तय करना है कि सपा, बसपा के चक्कर से निकलना है कि नहीं।

उन्होंने कहा कि परमात्मा ने बुंदेलखण्ड को बाकी सब कुछ दिया लेकिन जनता ने प्रदेश में ऐसी सरकारें बनायी हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया है। सपा, बसपा, कांग्रेस सभी एक ही सिक्के के अलग-अलग पहलू हैं, वे एक ही थली के चट्टे बट्टे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका वादा है कि जब उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी तो मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन एक स्वतंत्र बुंदेलखण्ड विकास बोर्ड बनाया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में फलफूल रहे अवैध खनन पर सैटेलाइट के जरिये निगरानी करके ना सिर्फ रोक लगायी जाएगी बल्कि इस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तो बसपा का नाम ही बदल गया है। अब वह बहुजन समाज पार्टी नहीं बल्कि ‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’ बन गयी है। जो लोग अपने ही खजाने भरना चाहते हैं क्या वह लोग आपकी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं? बुंदेलखण्ड के लोग यह बताएं कि जो अपने लिये धन जमा करते हैं, वे आपकी समस्या का कभी समाधान करेंगे क्या। मोदी ने कहा कि बुंदेलखण्ड ने सपा, बसपा, कांग्रेस को देख-परख लिया है। वे पीने का पानी तक नहीं दिला पाए, क्या उनके भरोसे आगे भी आपकी गाड़ी चलेगी। बुंदेलखण्डवासियों से आग्रह है कि 70 साल में बुंदेलखण्ड की जो बरबादी हुई है, उसे पांच साल में ठीक करना है, बुंदेलखण्ड को गड्ढे से बाहर निकालना है तो दिल्ली के साथ-साथ प्रदेश में भी ‘भाजपा का इंजन’ लगाना होगा।

मोदी ने अपनी ‘स्कैम’ सम्बन्धी टिप्पणी का एक बार फिर जिक्र किया कि भाजपा की लड़ाई स्कैम के खिलाफ है। अंग्रेजी के शब्द स्कैम में चार अक्षर होते हैं। एस- समाजवादी, सी-कांग्रेस, ए-अखिलेश, एम-मायावती। इस देश में घोटालों में भी ईमानदारी और सेवा का भाव देखने वाले एक नेता को यह भी समझ नहीं आया। उन्होंने कहा कि स्कैम सेवा है। इस चुनाव में जनता के पास स्कैम को प्रदेश से पूरी तरह निकालने का मौका है। इस स्कैम को बुंदेलखंड से बाहर फेंक दीजिये। मोदी ने दावा किया कि बुंदेलखण्ड को भी बदहाली के दौर से निकालकर विकास के मामले में अव्वल बनाया जा सकता है। अगर बुंदेलखंड को फलना फूलना है तो उसे अव्यवस्था से बाहर निकालने के लिए दो इंजनों उत्तर प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार की जरूरत होगी। खनिज बहुल बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश का चेहरा बदल सकता है, अवैध खनन को भी रोकना होगा। पांच साल में हम उस बुंदेलखंड को बदल कर रख देंगे जिसने पिछले 70 साल से कोई विकास नहीं देखा है।

उन्होंने गुजरात के कच्छ का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘गुजरात में कच्छ नामक जिला है, वहां बहुत बड़ा रेगिस्तान है। वर्ष 2001 में वहां भूकम्प आने के बाद हमने काम किया। कच्छ आज देश के सबसे तेज गति से जाने वाले जिलों में शामिल है। अगर इरादा नेक हो, विकास का विजन साफ हो और संकल्प शक्ति हो, तो कितने भी पिछड़े क्षेत्र को विकसित किया जा सकता है।

मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के थाने सपा या बसपा की सरकार में उनके दफ्तरों में तब्दील हो जाते हैं। बाहुबली लोग गरीबों और निर्दोषों की जमीनों को गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर लेते हैं। भाजपा का वादा है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ बहुत बड़ी मुहिम चलायी जाएगी। इसके लिये एक विशेष प्रकोष्ठ बनाया जाएगा और कब्जे वाली जमीन को उसके असली मालिक को दिलाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में तीन चरणों के चुनाव से साफ हो गया है कि राज्य में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।

आज से बचत खाते से हर हफ्ते निकालें 50 हजार रुपए, 13 मार्च से हटेगी लिमिट


20 फरवरी यानी आज सोमवार से बचत खाते से आप एक हफ्ते में 50,000 रुपए निकाल सकेंगे। आरबीआई यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद बचत बैंक खाते पर लगी नकद निकासी की सीमा में ढील देने की यह घोषणा 8 फरवरी को की थी जो आज से लागू हो रही है।
नई दिल्ली: 20 फरवरी यानी आज सोमवार से बचत खाते से आप एक हफ्ते में 50,000 रुपए निकाल सकेंगे। आरबीआई यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद बचत बैंक खाते पर लगी नकद निकासी की सीमा में ढील देने की यह घोषणा 8 फरवरी को की थी जो आज से लागू हो रही है।

अबतक नकद निकासी यह सीमा 24 हजार रुपए थी। 8 नवंबर से लागू हुए नोटबंदी के बाद ट्रांजेक्शन पर लिमिट लगाई गई थी जिसमें धीरे-धीरे करके ढील दी गई। आरबीआई ने वक्त-वक्त पर समीक्षा करके लिमिट को बढ़ाया है। आरबीआई के मुताबिक, यह सीमा भी सिर्फ 13 मार्च तक लागू रहेगी। इसके बाद बचत खाते से पैसे निकालने को लेकर कोई सीमा नहीं होगी। जो भी रकम आप एटीएम (ATM) से निकालते हैं, वह भी सेविंग खाते से निकासी में गिनी जाती है।

आरबीआई ने 8 नवंबर को 1000 और 500 रुपए के नोटों पर नोटबंदी के तहत लगी पाबंदी के बाद खातों से निकासी पर सीमा तय की थी। उस वक्त एटीएम से निकासी की अधिकतम सीमा 2,500 रुपए रखी गई थी। इसे बाद में बढ़ाकर 4,500 रुपए कर दिया गया था। 1 जनवरी से आरबीआई ने एटीएम से निकासी की सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपए और करेंट अकाउंट से नकद निकासी की सीमा को बढ़ाया था।

यूपीआरटीओयू से केशरीनाथ त्रिपाठी को एलएलडी की उपाधि

इलाहाबाद। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को रविवार को यहां डॉक्टर ऑफ लॉज (एलएलडी) की मानद उपाधि दी गई। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (यूपीआरटीओयू) के 11वें दीक्षांत समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया। वह मुख्य अतिथि थे। अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा कमाई के साथ अध्ययन का बेहतरीन साधन है। आयोजन में कुल 13022 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। कुछ को स्वर्ण पदक भी दिए गए।

राज्यपाल व कुलाधिपति राम नाईक ने अपने संबोधन पर इस बात पर प्रसन्नता जताई कि साक्षरता दर में बालिकाएं आगे हैं। उन्होंने छात्रों को सफलता के सूत्र भी दिए। कहा खुश रहना, दूसरों की तारीफ और अहंकार मुक्त रहने वाला जीवन में कभी असफल नहीं होता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मात्र सीखने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका उद्देश्य संस्कृति और संस्कार आगे बढ़ाना हो। युवाशक्ति को उनकी इच्छा के अनुसार कॅरियर चुनने का मौका मिलना चाहिए। ई-गर्वनेंस से ज्ञान में बढ़ोतरी की बात कहते हुए उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में उच्च स्तरीय अध्ययन होने चाहिए। कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने संस्थान के विस्तार की जानकारी दी।

पदक पाकर फूले नहीं समाए

मुक्त विवि में विभिन्न विद्या शाखाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल के हाथों उपाधि पाने वालों में 10 छात्राएं और छह छात्र थे। चार को दोहरा पदक मिला। दीप्ति श्रीवास्तव, (लखनऊ) शिवांगी पुरवार, आराधना तिवारी, निधिरानी चौबे (वाराणसी), अर्शी फातिमा (सीतापुर), ममता पाल, वंदना कुमारी, शमामा परवीन और सुनीता पांडेय और छात्रों में विजय कुमार (आजमगढ़), प्रशांत कुमार सिंह (सोनभद्र), मन्ना लाल प्रसाद, आशीष कुमार राय, मनोज कुमार शुक्ल और अमरनाथ राज्यपाल के हाथों उपाधि पाकर फूले नहीं समाए। ज्ञानपुर की दिव्यांग छात्रा सुनीता पाण्डेय की उपाधि उसके पिता जयराम पाण्डेय ने ली।

लोन न चुका पाने पर किसान ने चुनी ऐसी मौत, दहल जाएगा दिल

देश में किसान कर्ज चुकाने के बोझ से अबतक मुक्त नहीं हुए हैं। कर्ज का बोझ उन पर इतना ज्यादा है कि कुछ न कर सकने की स्थिति में वे आत्महत्या का रास्ता ही अपनाते हैं। कर्नाटक में एक लाचार किसान ने ऐसा ही किया वो घर से खेत जाने की बात बोल कर निकला, लेकिन चंद घंटों बाद उसकी लाश मिली।

उसकी मौत का कारण था कुछ और नहीं बल्कि उधार का पैसा था, जिसे वो दिन-रात मेहनत करके भी चुका नहीं पाया। ये दर्दनाक घटना कर्नाटक के हुबली की है, जहां किसान सुबह 5 बजे जाकर बिजली के हाईवॉलटेज टावर पर बैठ गया।

अंग्रेजी वेबसाइट की खबर के मुताबिक हवेरी जिले के रहने वाले चमनसब अर्सिनागुप्पी (58) ने शुक्रवार को यह कदम उठाया। दरअसल, चमनसब की फसल बर्बाद होने के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाया।उसे मालूम था कि अभी टावर में करंट नहीं है फिर भी दिल पर पत्थर रखकर वो वहां बैठ गया।

बैंक का लोन चुकाने के लिए मनीलॉन्डर्स से उठाए पैसे

आत्महत्या के दिन घर वालों ने जब किसान से पूछा कि कहा जा रहे हो, तो बोला कि खेत जा रहा हूं। लेकिन वो टॉवर पर जा कर बैठ गया। वो करीब दो घंटे तक वहां बैठा रहा पर किसी की नजर वहां नहीं गई, लेकिन सुबह 8 बजे लोगों का ध्यान गया कि किसान ने मौत को मुंह लगा लिया।

इस सनसनीखेज घटना के बाद वहां लोगों का जमावड़ा लग गया। दरअसल चमनसब ने ज्वार की खेती के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 3 लाख रुपये का लोन लिया था।

इसके बाद उसने लोन की रकम लौटाने के लिए मनीलॉन्डर्स से मोटी ब्याज दर पर पैसा उधार ले लिया दी जिसका डर था वहीं होना लगा, मनीलॉन्डर्स उसे रोज प्रताड़ित करने लगे। चमनसब की सात बच्चे हैं, जिनमें पांच लड़कियां हैं।

मनीलॉन्डर्स ही नहीं बैंक भी करते थे प्रताड़ित

चमनसब ने दो लड़कियों की शादी कर दी, लेकिन उसकी जिम्मेदारी का सफर अभी काफी लंबा था। किसानों के लीडर ने कहा कि मनीलॉन्डर्स ही नहीं चमनसब को बैंक भी लोन चुकाने के लिए दबाव बनाया करते थे।

कृषि विभाग की ओर से जारी किए गए आकंड़े में सामने आया कि करीब 77 किसान इसी वजह से खुद को खत्म कर चुके हैं। हैरान करने वाली बात है कि इनमें 56 किसान इसी हवेरी जिले के हैं।

‘वह आज भी वही मुलायम हैं।’ – सुब्रमण्यम स्वामी

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव से रविवार काे भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी मिले ताे सियासी बाजार में हलचल मच गया। स्वामी मुलायम के मेहमाननवाजी के मुरीद हो गए। मुलायम से मुलकात के बाद स्वामी ने बाकायदा ट्वीट करके कहा ‘वह आज भी वही मुलायम हैं।’

सुब्रह्मण्यम स्वामी रविवार को निजी दौरे पर राजधानी आए थे। वह अपने मित्र विश्व हिंदू परिषद के नेता राम औतार शंखधर के बेटे की शादी में शामिल होने आए थे। शंखधर के यहां कार्यक्रम में शामिल होने के बाद स्वामी मुलायम से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए। चाय-समोसे के साथ दोनों के बीच तकरीबन 25 मिनट तक गुफ्तगू हुई।

दोनों ने न सिर्फ मौजूदा सियासी हालात पर बातचीत की बल्कि पुरानी यादें भी ताजा कीं। स्वामी व मुलायम की भेंट को लेकर राजनीतिक हल्कों में चर्चाएं भी होने लगी हैं। मुलायम से मुलाकात के बाद स्वामी ने आज की मुलाकात की तस्वीरों के साथ एक पुरानी तस्वीर को भी पोस्ट करते हुए ट्वीट किया कि -‘मुलायम के घर पहुंचा हूं। उन्होंने मुझे जोर से गले लगाया और मेरे लिए चाय और समोसे की व्यवस्था करने लगे। वे आज भी वही मुलायम हैं।’

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Subramanian Swamy ✔ @Swamy39
Just arrived Mulayam’s house. He gave me a big hug and gone to get me tea and samosa. Still the same Mulayam
5:57 PM – 19 Feb 2017
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पाकिस्तानी खिलाड़ी शाहिद अफरीदी ने लिया संन्यास, इस रिकॉर्ड से बनाई थी अलग पहचान

पाकिस्तान के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट का एलान कर दिया है। इस धुआंधार ऑलराउंडर ने रविवार (19 फरवरी) को अपने 21 साल के लंबे अंतरराष्ट्री य क्रिकेट करियर पर विराम लगा दिया।
अफरीदी टेस्ट और वनडे क्रिकेट को पहले ही अलविदा कह चुके थे और सिर्फ टी-20 क्रिकेट खेल रहे थे। अफरीदी ने साल 2016 में भारत में हुई वर्ल्ड टी20 चैंपियनशिप में पाकिस्ताेन की कप्तानी भी की थी। इस टूर्नामेंट के बाद उन्होंने पाकिस्तान टीम की कप्तानी छोड़ दी थी लेकिन खेलते रहने की बात की थी। हालांकि तभी से ही अफरीदी के संन्यास लेने के अटकलें लगाई जाने लगी थी।

अफरीदी ने जमाया था सबसे तेज़ शतक

शाहिद अफरीदी साल 1996 में तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ वनडे में सिर्फ 37 गेंद में शतक जमाकर विश्व क्रिकेट में तहलका मचा दिया था। इतना ही नहीं अफरीदी ने इस कमाल को अपने दूसरे ही वनडे मैच में कर दिया था। अफरीदी की इस तूफानी सेंचुरी का रिकॉर्ड 17 साल तक बरकरार रहा था।

बल्ले के साथ-साथ शाहिद अफरीदी गेंद से भी कमाल करने में माहिर रहे। उनकी अपनी गेंदबाज़ी की बदौलत भी पाकिस्तान की झोली में बहुत सी जीत डाली। इसमें साल 2009 का वर्ल्ड टी20 जीतना भी शामिल है। बल्लेबाज़ी में जिस तरह अफरीदी अपने छक्के मारने के स्टाइल के लिए जाने जाते ठीक उसी तरह स्पिन गेंदबाज़ी करते हुए तेज़ गेंद फेंकने की उनकी कला बल्लेबाज़ों को होश उड़ा देती थी।

अफरीदी ने पाकिस्तान की तरफ से खेलते हुए 27 टेस्ट़ में 1176 रन बनाए और 48 विकेट झटके। उनका बेस्ट स्कोेर 156 रन है। वहीं 398 वनडे में उन्होंएने 8064 रन बनाए और 395 विकेट लिए। टी20 क्रिकेट में अफरीदी ने 1405 रन बनाए और 97 विकेट लिए। वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी शाहिद अफरीदी के ही नाम है।

आज रायबरेली में चुनाव प्रचार में उतरेंगी प्रियंका गांधी, राहुल गांधी के साथ करेंगी रैली को संबोधित

उतर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन शुक्रवार को प्रियंका गांधी कांग्रेस का चुनाव प्रचार करेंगी। प्रियंका गांधी कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ रायबरेली में चुनावी रैली में हिस्सा लेंगी। जहां पर वे रैली को संबोधित करेंगी। 

राहुल गांधी की रायबरेली के इंटर काँलेज ग्राउंड पर दोपहर तीन बजे सभा होनी है। इसके बाद राहुल गांधी का दूसरा कार्यक्रम रायबरेली के महाराजगंज में बाबुरिया ग्राउंड पर शाम साढ़े चार बजे है। इस बार उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की ये पहली सभा होगी। 

प्रियंका गांधी को प्रदेश में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार की मांग कर्इ बार उठ चुकी हैं। इस बार एेसी चर्चाएं थीं कि प्रियंका गांधी रायबरेली और अमेठी के साथ ही उत्तर प्रदेश के कर्इ अन्य क्षेत्रों में चुनाव प्रचार करेंगी, लेकिन प्रियंका गांधी ने अन्य क्षेत्रों से अब तक दूरी बनाए रखी है। हालांकि अब वे रायबरेली में चुनाव प्रचार करती नजर आएंगी।

हम आपको बता दें कि अमेठी राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है तो रायबरेली सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र है। दोनों की व्यवस्थाओं के चलते प्रियंका गांधी हमेशा से ही यहां पर कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करती रही हैं।