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मध्य प्रदेश में हादसे का शिकार हुई जनता और कामायनी एक्सप्रेस ,27 मरे कई घायल

hadsaमध्य प्रदेश :- हरदा में मंगलवार रात इटारसी-मुंबई रेलवे ट्रैक पर कामायनी एक्सप्रेस के 6 और जनता एक्सप्रेस के 4 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में अभी तक 27 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। रेस्क्यू टीम अब तक 300 से ज्यादा लोगों को बचा चुकी है।मुंबई से बनारस आ रही कामायनी एक्सप्रेस मंगलवार देर रात हादसे का शिकार हो गई। इस दौरान ट्रेन के पांच डिब्बे पटरी से उतर कर नदी में जा गिरे। यह हादसा मध्य प्रदेश के हरदा जिले में हुआ। हालांकि अभी तक हादसे में हताहतों की संख्या का पता नहीं चल पाया है।अधिकारियों के मुताबिक, कालीमच नदी की पुलिया धंसने के कारण यह दुर्घटना हुई। भारी बारिश के चलते राहत के काम में बाधा आ रही है। बचाव के लिए इटारसी से रेलवे की टीम रवाना हो गई है। टीम में डाक्टर और बचावकर्मी शामिल हैं। हादसा खिरकिया और भिरंगी रेलवे स्टेशन के बीच हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा हरदा से करीब 25 किमी पहले हुआ।

स्कूल में 3 बच्चियों से सोने की बालिया उतरवा ले गया छात्र

lg646-1427345293इंदौर। स्कूल परिसर में खेल रही तीन बच्चियों के कान से एक किशोर सोने की बालियां उतरवा ले गया। किशोर ने बच्चियों को स्कूल की एक मैडम के नाम से पहले डराया, फिर सुनसान में ले जाकर बालियां उतरवा लीं। एक बच्ची ने बाली नहीं उतारी, तो जबरन खींच ली। इससे बच्ची के कान में चोट आई। परिजनों को 4 घंटे बाद घटना की सूचना दी गई, जिससे वे भड़क गए।

घटना किला मैदान रोड स्थित रामकृष्ण मिशन विघापीठ की है। यहां बुधवार सुबह 10:30 बजे आटो रिक्शा से साक्षी पिता नितिन श्रीवास्तव (8) निवासी बियावानी, शीतल पिता लालसिंह हटिला (9) निवासी 15वीं बटालियन व देविका (8) निवासी जिंसी स्कूल पहुंची। स्कूल में परीक्षा के कारण बच्चों को 11 बजे बाद ही प्रवेश दिया जाता है। इसके चलते तीनों बच्चियां स्कूल परिसर के मैदान में खेलने लगीं।

इसी बीच स्कूल की ड्रेस पहने एक किशोर पहुंचा। वह बच्चियों को एक तरफ सुनसान जगह ले गया और कहा कि मुझे अनिता जोशी मैडम ने भेजा है। तुम लोग अपनी सोने की बालिया उतार कर हमें दे दो। बाद में तुम्हें इससे बड़ी बालियों बनावकर दे देगे। किशोर ने एक कागज देते हुए तीनो बच्चियों से अपने नाम लिखने को कहा। किशोर ने बताया कि तुम लोगो का फोटो भी लिया जाएगा और स्कूल की पत्रिका शारदा में छपवाया जाएगा।

किशोर जब बालिया उतरवाकर ले गया उसके बाद बच्चिया भी वापस मैदान में आई। बच्चियों ने देखा कि बालिया उतरवाने वाला मेनगेट से होते हुए स्कूल के बाहर चला गया। घटना के बाद बच्चिया काफी घबरा गई थी। उन्होंने अपनी मैडल को घटना की जानकारी दी इसके बाद स्कूल प्रिसिंपल को घटना की जानकारी मिली। मल्हारगंज पुलिस ने लालसिंह की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

4 घंटे बाद दी सूचना

साक्षी के पिता नितिन ट्रांसपोर्ट संचालक है। नितिन ने बताया कि दोपहर करीब ३ बजे स्कूल से फोन आया और बताया गया कि बच्ची की सोने की बालिया चोरी हो गई है। आप स्कूल आ जाओं। वे लोग स्कूल पहुंचे तो पता चला कि बालिया चोरी नहीं हुई बल्कि स्कूल का ही एक बच्चा जबरन बालिया उतरवा ले गया है।

साक्षी के अलावा दो और बच्चियों के साथ घटना हुई है। स्कूल वालें ये नहीं बता पाए कि इतनी देर से उन्होंने घटना की जानकारी क्यों दी। स्कूल प्रबंधन ने कोई एक्शन नहीं लिया तो वे लोग मल्हारगंज थाने रिपोर्ट लिखाने पहुंचे। स्कूल प्रबंधन से मांग है कि यहा सिक्युरिटी का पूरा इंतजाम कर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए और बाहरी लोगो को स्कूल में आने से रोका जाए।

स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है

शीतल के पिता लालसिंह एसएएफ में हेडकांस्टेबल है। लालसिंह के अनुसार स्कूल में बच्ची की सुरक्षा की जिम्मेदारी रखना स्कूल प्रबंधन का ही दायित्व है। इस तरह बच्चियों के साथ घटना होने से उनकी सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है। जब हमने स्कूल प्रबंधन से इस बारें में बात की तो उनका कहना था कि हम तो स्कूल में चल रही परीक्षा में लगे हुए थे। स्कूल का समय 11 बजे है। रिक्शा वाले जल्दी लाकर बच्चों को छोड़ देते है। हमने स्कूल प्रबंधन से बच्चों सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान रखने को कहा है।

कान में आई चोट

घटना में देविका के कान में चोट आने की बात सामने आ रही है। साक्षी व शीतल ने बताया है कि जब देविका ने बाली नहीं उतारी तो जबरन कान से बाली खींच ली गई। इससे उसके कान में चोट भी आई है। देविका के परिजन अभी रिपोर्ट लिखाने भी नहीं पहुंचे है।

स्कूल में हुई परेड

घटना के बाद स्कूल में बड़ी कक्षा में पढऩे वाले लड़को की तीनो ही बच्चियों के सामने परेड कराई गई। उनमें से किसी को भी बच्चियों ने नहीं पहचाना। स्कूल प्रबंधन को लग रहा है कि बुधवार को स्कूल नहीं आए किसी बच्चे की भी ये हरकत हो सकती है। अब स्कूल वालें बुधवार को अनुपस्थित रहे बच्चों की जानकारी लेकर उनकी पहचान भी बच्चियों से करवाएगे।

समय से पहले पहुंचे थे बच्चे

स्कूल को बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाया गया है, जिस कारण माध्यमिक कक्षाएं दोपहर 12 से 5 बजे तक लगाई जा रही हैं। लेकिन कुछ बच्चे मना करने के बावजूद सुबह 10 बजे ही स्कूल पहुंच जाते हैं। इसलिए बच्चे स्कूल के ग्राउंड में खेलते रहते हैं। शिक्षक 11 बजे स्कूल पहुंचते हैं। इसी बीच यह हुआ। जैसे ही पता चला कि, तीन बच्चियों के कानों की बाली चोरी हो गई हैं, तो प्रार्थना के दौरान बच्चियों से लड़के के बारे में पूछताछ कराई।

लेकिन बच्चियों ने बताया कि, मौजूद बच्चों में से कोई नहीं है। इसके बाद पूरी कक्षाओं में भी बच्चियों को लेजाकर पूछवाया। इसके बाद परिजनों को इस संबंध में जानकारी दी। परिजनों ने कहा कि, वे पुलिस रिपोर्ट करेंगे इसलिए स्कूल की तरफ से रिपोर्ट नहीं की गई। ऐसे बच्चे जो सिर्फ बुधवार को अनुपस्थित थे और बाकी दिन उपस्थित थे उनकी भी जांच की जा रही है।
स्कूल द्वारा बच्चों को हर साल दी जाने वाली हैंडबुक में नियम लिखा होता है कि, बच्चे अपने साथ मोबाइल, कीमती सामान स्कूल न लाएं।
वीएस जादौन, प्रिंसिपल, रामकृष्ण मिशन स्कूल

विधायक ने मंच पर पकड़ा पूर्व महिला सांसद का पल्लू

1नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के सिवनी में एक निर्दलीय विधायक ने सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा की पूर्व महिला सांसद की साड़ी से हाथ पोंछ लिए। मामला सामने आने पर पूर्व महिला सांसद ने निर्दलीय विधायक को गरिमा का ध्यान रखने की नसीहत दी। वहीं, निर्दलीय विधायक ने इसे देवर-भाभी के बीच का मजाक बताते हुए इस विवाद से पल्ला झाड़ने की कोशिश की। सिवनी में किसानों को फसल बीमा की राशि के वितरण का एक कार्यक्रम आयोजित किया था। मंच पर जिले के प्रभारी मंत्री और प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन खुद मौजूद थे। इस दौरान मंच पर भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद नीता पटेरिया के पीछे खड़े निर्दलीय विधायक दिनेश राय उर्फ मुनमुन ने उनकी साड़ी के पल्लू को पकड़कर अपने हाथ पोंछ लिए। निर्दलीय विधायक की यह हरकत कैमरे में कैद हो गई। पूर्व सांसद नीता पटेरिया को जैसे ही दिनेश राय की हरकत का पता चला उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत प्रभारी मंत्री और भाजपा के जिलाध्यक्ष से कर दी। दिनेश राय की इस हरकत से नाराज भाजपा की वरिष्ठ नेता नीता पटेरिया ने कहा कि अब वो एक विधायक हैं उन्हें मंच की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए कि वो कहां पर हैं और किस पद पर हैं। मैं ज्यादा मजाक पसंद नहीं करती, ये सभी का पता है। ठीक है वे हमें भाभी कहते हैं, लेकिन उन्हें पद की गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिए। विवाद को बढ़ता देख दिनेश राय ने इसे देवर-भाभी के बीच का मजाक बताया। राय ने कहा कि इतनी देर वे [नीता पटेरिया] मुझे तंग कर रहीं थी, ये पकड़ो मुनमुन भैया ऐसे में मैंने भी उनके साथ थोड़ा मजाक कर लिया।

वीएचपी कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा, केस दर्ज

1उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की ओर से जम कर हंगामा किया गया। कुलपति का विरोध कर रहे इन कार्यकर्ताओं ने न केवल यूनिवर्सिटी में तोड़-फोड़ की, बल्कि कुलपति जवाहर कौल के साथ मारपीट भी की। कौल फिलहाल शहर के एक अस्पताल के में भर्ती हैं। पुलिस के मुताबिक कुलपति जवाहर कौल ने दूसरे छात्रों को यहां पढ़ रहे जम्मू−कश्मीर के छात्रों का सहयोग करने और उन्हें मदद देने की अपील की थी, जिससे कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता नाराज़ थे। पुलिस ने हंगामा और मारपीट करने वाले 25 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

5 लाख महिलाओं को आईटी ट्रेनिंग देने को गूगल तैयार

1गूगल ने मध्यप्रदेश की पांच लाख महिलाओं में डिजिटल साक्षरता एवं सूचना प्रौद्योगिकी क्षमता बढ़ाने के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव दिया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘मध्यप्रदेश की महिलाओं में इंटरनेट के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए गूगल कंपनी राज्य की पांच लाख महिलाओं को डिजिटल साक्षरता एवं आईटी क्षमतावर्धन के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण देगी। इस संबंध में गूगल कंपनी की ओर से प्रदेश सरकार को एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।’ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। गूगल कंपनी के प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं में इंटरनेट के उपयोग को बढ़ावा देना है। यह प्रशिक्षण हिन्दी अथवा अंग्रेजी भाषा में दिया जायेगा। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार प्रशिक्षण शासकीय हायर सेकेंडरी कक्षाओं की छात्राओं एवं शिक्षिकाओं के लिए होगा। प्रशिक्षण टीम द्वारा एक समय में 200 छात्राओं एवं शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए जिले का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर लोक शिक्षण संचालनालय को भेजने को कहा गया है, ताकि अधिकतम छात्राओं एवं शिक्षिकाओं को गूगल कंपनी से नि:शुल्क प्रशिक्षण का लाभ मिल सके।

शिरडी सांई को भगवान मानने को लेकर धर्म संसद

1शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती द्वारा शिरडी के सांई को भगवान मानकर पूजे जाने को लेकर आहूत धर्म संसद आज शिरडी ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के बहिष्कार के बीच शुरू हो गई। राजधानी रायपुर से लगभग 150 किलोमीटर दूर कवर्धा जिला मुख्यालय पर आहूत धर्म संसद में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ देश के विभिा इलाकों के लगभग 400 साधू सन्त हिस्सा ले रहे है। इससे तमाम साधू सन्त कल ही यहां पहुंच गए थे। कवर्धा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह का गृह नगर है। धर्म संसद में भाग लेने के लिए गत 10 अगस्त को शिरडी जाकर शंकराचार्य के प्रतिनिधियों ने शिरडी ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया था। उन्हें सांई को भगवान का दर्जा देने तथा भगवान मान करके उनकी पूजा करने को लेकर अपना पक्ष धर्म संसद में रखने का अनुरोध किया गया था। इसके बावजूद भी उन्होंने किसी प्रतिनिधि को यहां नही भेजा। धर्म संसद शुरू होने से पूर्व कवर्धा नगर में आज भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। गाजे बाजे और धार्मिक उद्घोष के बीच निकली इस यात्रा में देश भर से जुटे साधू सन्त ही नहीं बल्कि आसपास के इलाकों से जुटे हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। इस यात्रा में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती भी रथ पर सवार थे। धर्म संसद को अखाड़ों के साधू सन्तों के अलावा शंकराचार्यस्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सांई को भगवान मानना शास्त्रों के खिलाफ है। इस मसले पर शंकराचार्य की ही यह राय नही है, बल्कि उनके साथ साधू सन्त और समाज भी साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि सांई ट्रस्ट को भी बहस में हिस्सा लेने के लिए आंमत्रित किया गया था जिससे वह भी बहस में अपना पक्ष रख सके। पहले धर्म संसद तीन दिवसीय थी पर सूत्रों के अनुसार सांई ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के नहीं आने की पहले ही संकेत मिल जाने के कारण इसे दो दिवसीय कर दिया गया। शाम से शुरू हुई धर्म संसद पर कल शाम तक बहस होगी इसके बाद शंकराचार्य अपना आखिरी सम्बोधन करेंगे, जिसमें उनके द्वारा सांई के बारे में महत्वपूर्ण घोषणा किए जाने की संभावना है। धर्म संसद के लिए भव्य वाटर प्रूफ पंडाल बनाया गया है। सुरक्षा के लिए भी काफी कड़े बन्दोबस्त किए गए है। आयोजन के राजधानी से काफी दूर होने के कारण प्रशासन को भी इसके बन्दोबस्त में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। राज्य सरकार ने देश भर से जुटने वाले 23 प्रमुख साधू सन्तों को राज्य अतिथि का दर्जा दिया है।