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यूपीआरटीओयू से केशरीनाथ त्रिपाठी को एलएलडी की उपाधि

इलाहाबाद। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को रविवार को यहां डॉक्टर ऑफ लॉज (एलएलडी) की मानद उपाधि दी गई। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (यूपीआरटीओयू) के 11वें दीक्षांत समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया। वह मुख्य अतिथि थे। अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा कमाई के साथ अध्ययन का बेहतरीन साधन है। आयोजन में कुल 13022 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। कुछ को स्वर्ण पदक भी दिए गए।

राज्यपाल व कुलाधिपति राम नाईक ने अपने संबोधन पर इस बात पर प्रसन्नता जताई कि साक्षरता दर में बालिकाएं आगे हैं। उन्होंने छात्रों को सफलता के सूत्र भी दिए। कहा खुश रहना, दूसरों की तारीफ और अहंकार मुक्त रहने वाला जीवन में कभी असफल नहीं होता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मात्र सीखने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका उद्देश्य संस्कृति और संस्कार आगे बढ़ाना हो। युवाशक्ति को उनकी इच्छा के अनुसार कॅरियर चुनने का मौका मिलना चाहिए। ई-गर्वनेंस से ज्ञान में बढ़ोतरी की बात कहते हुए उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में उच्च स्तरीय अध्ययन होने चाहिए। कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने संस्थान के विस्तार की जानकारी दी।

पदक पाकर फूले नहीं समाए

मुक्त विवि में विभिन्न विद्या शाखाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल के हाथों उपाधि पाने वालों में 10 छात्राएं और छह छात्र थे। चार को दोहरा पदक मिला। दीप्ति श्रीवास्तव, (लखनऊ) शिवांगी पुरवार, आराधना तिवारी, निधिरानी चौबे (वाराणसी), अर्शी फातिमा (सीतापुर), ममता पाल, वंदना कुमारी, शमामा परवीन और सुनीता पांडेय और छात्रों में विजय कुमार (आजमगढ़), प्रशांत कुमार सिंह (सोनभद्र), मन्ना लाल प्रसाद, आशीष कुमार राय, मनोज कुमार शुक्ल और अमरनाथ राज्यपाल के हाथों उपाधि पाकर फूले नहीं समाए। ज्ञानपुर की दिव्यांग छात्रा सुनीता पाण्डेय की उपाधि उसके पिता जयराम पाण्डेय ने ली।

बनी सहमति, छात्रों का अनशन खत्म

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कुलपति के खिलाफ चल रहा छात्रों का अनशन बृहस्पतिवार को खत्म हो गया। इविवि प्रशासन और छात्रों की ओर से एक-दूसरे पर की गई एफआईआर वापस लेने की लिखित सहमति बनी। इविवि प्रशासन ने छात्रों को आश्वस्त किया कि आंदोलन के दौरान उनकी ओर से उठाई गई सभी मांगें पूरी कर दी गईं हैं और इस दौरान आंदोलित छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अनशनकारी छात्रों से बृहस्पतिवार को इविवि प्रशासन की ओर से प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. आरकेपी सिंह, ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे, प्रो. आरके चौबे ने वार्ता की। इस दौरान प्रशासन की ओर से एसपी सिटी विपिन टाडा, एसीएम आशीष मिश्र भी मौजूद रहे। अधिकारियाें ने अनशनकारी छात्रों अदील हमजा, नीरज प्रताप सिंह, अनुभव उपाध्याय, अनुभव सिंह, आशुतोष पाठक, जितेंद्र कुमार बिंद, अनुज शुक्ल को जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया।

छात्रों की मांग पर कुलपति ने पूर्व गठित प्रवेश समिति को भंग करने के साथ स्थाई कुलसचिव एवं वित्त अधिकारी की नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया। छात्रों को बताया गया कि 15 अप्रैल के भीतर नियुक्ति पूरी कर ली जाएगी। प्रवेश परीक्षा में ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन का भी विकल्प होगा। पुस्तकालय से छात्रों को 20 मार्च से किताबें जारी की जाएंगी।

इस आशय का लिखित आश्वासन छात्रों को रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल ने दिया। अनशन खत्म होने के बाद अध्यक्ष रोहित मिश्र एवं उपाध्यक्ष अदील हमजा ने कहा कि छात्र हितों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। कहा कि छात्रों ने अपनी एकजुटता के बल पर विवि प्रशासन से अपनी मांगें मनवाईं। छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र ने कहा कि उनकी ओर से विवि पर की गई एफआईआर वापस ली जाएगी। विवि भी छात्रों पर लगाए आरोप वापस लेगा और किसी छात्र पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

इस महिला ने डॉन अतीक को किया था नाकों चने चबाने पर मजबूर

जरायम की दुनिया से सूबे की सियासत में पैठ बनाने वाले बाहुबलियों का लंबी फेहरिस्त है। इलाहाबाद और आसपास के इलाकों में दबदबा रखने वाला अतीक अहमद उनमें से एक है। वह शायद इकलौता सांसद है जिसे भगोड़ा घोषित किया गया था।

पांच बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके अतीक का दबदबा और रुतबा तब घटने लगा जब एक महिला से चुनाव हार गए थे । 2005 में बसपा के तत्कालीन विधायक राजू पाल की हत्या हुई तो अतीक मुख्य आरोपी बनाया गया।

जानकारी के मुताबिक पूजा पाल एक अस्पताल में सफाई का काम करती थीं। अस्पताल में ही उनकी राजू पाल से पहली मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और राजू पाल ने उनसे 2005 में शादी की। विधायक चुने जाने के चार महीने बाद ही राजू पाल की दिन दहाड़े हत्या हो गई। पूजा से उनकी शादी को सिर्फ नौ महीने बीते थे।

17 साल की उम्र में ही दर्ज हो गया था पहला मुकदमा


अतीक अहमद (फाइल फोटो)
सत्ता बदली तो राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने उसको नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया। हालत यह हो गई कि अतीक को इलाहाबाद छोड़ कर भागना पड़ा और नए सियासी ठिकाने की तलाश करनी पड़ी।

बालिग होने से पहले ही महज 17 साल में अतीक पर पहला मुकदमा हुआ, वो भी हत्या का। इसके बाद अतीक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक समय ऐसा भी आया जब अतीक पर उसकी उम्र से ज्यादा मुकदमे थे।

1990 और 2000 के दशक में अतीक ने सरकारी ठेके हासिल करने, जबरन वसूली के लिए अपहरण और हत्या की घटनाओं को अंजाम देकर दहशत कायम कर दी। देखते ही देखते इलाहाबाद और आसपास के जिलों में अतीक का खौफ कायम हो चुका था।

गेस्ट हाउस कांड में भी था अतीक का नाम


अतीक अहमद (फाइल फोटो)
1992 में इलाहाबाद पुलिस ने पहली बार अतीक अहमद का कच्चा चिट्ठा जारी किया, जिसमें बताया गया था कि अतीक अहमद के खिलाफ लखनऊ, कौशांबी, चित्रकूट, इलाहाबाद के साथ-साथ बिहार में भी हत्या, अपहरण, जबरन वसूली मामले दर्ज हैं।

सबसे ज्यादा मामले इलाहाबाद में दर्ज हुए। अतीक पर जिस रफ्तार से मुकदमे कायम हो रहे थे, उसी रफ्तार से जरायम की दुनिया में उसका कद बढ़ रहा था। कई ऐसे मौके आए जब अतीक को सत्ता की ताकत का एहसास हो चुका था।

1989 में अतीक ने सियासत का रुख किया और यहां भी धमाकेदार इंट्री की। निर्दल प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस उम्मीदवार को मात देकर सीधे विधानसभा जा पहुंचा। 1991 और 1993 में भी अतीक निर्दल चुनाव लड़ा और विधायक बना।

1993 में विधान सभा चुनाव में सपा-बसपा की सरकार बनी तो अतीक भी मुलायम के साथ आ गया। 2 जून 1995 को मायावती के साथ हुए गेस्ट हाउस कांड में भी अतीक का नाम आया था।

मुलायम सरकार में मस्त और मायावती सरकार में पस्त रहा अतीक


मीड‌िया से मुखात‌िब अतीक
1996 में समाजवादी पार्टी ने अतीक को टिकट दे दिया और वह लगातार चौथी बार विधायक बन गया। सपा का साथ ज्यादा दिन का नहीं रहा। 1999 में अतीक ने सोने लाल पटेल का साथ पकड़ लिया और अपना दल के टिकट पर संसद जाने का ख्वाब देखने लगा।

चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2002 में अपना दल के टिकट पर चुनाव जीतकर लगातार पांचवी बार विधायक बना। 2003 में जब यूपी में सपा सरकार बनी तो अतीक ने फिर से मुलायम सिंह का हाथ पकड़ लिया। 2004 में अतीक का लोकसभा पहुंचने का ख्वाब भी पूरा हो गया।

वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर फूलपुर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा पहुंच गया। खाली हुई विधानसभा सीट पर अतीक के भाई अशरफ चुनाव मैदान में उतरा लेकिन उसे बसपा के राजू पाल ने हरा दिया।

विधायक बनने के कुछ ही दिनों बाद विधायक राजू पाल को 25 जनवरी 2005 को इलाहाबाद में दिनदहाड़े गोली से छलनी कर दिया गया। आरोप अतीक और उनके भाई अशरफ पर लगा।

समय बदला और सूबे में सरकार बदली तो अतीक के हौसले पस्त होने लगे। मायावती के जेहन में गेस्ट हाउस कांड के जख्म हरे थे। अतीक के सारे मामले खुलने लगे और एक के बाद एक इलाहाबाद में कई मुकदमे दर्ज हो गए। इस दौरान अतीक वह भूमिगत हो गया। पार्टी की बदनामी होने लगी तो मुलायम ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।

वांटेड एमपी बन गया था माफ‌िया अतीक


अतीक अहमद समर्थकों के साथ
गिरफ्तारी के डर से सांसद अतीक फरार था। उसके घर, कार्यालय सहित पांच स्थानों की संपत्ति न्यायालय के आदेश पर कुर्क की जा चुकी थी। 2007 के आखिर तक अतीक अहमद की गिरफ्तारी पर पुलिस ने बीस हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया और पूरे देश में अलर्ट जारी किया गया था।

अतीक अहमद ने दिल्ली पुलिस के सामने आत्म समर्पण कर दिया और मायावती से अपनी जान को खतरा बताया। अतीक के बुरे दिन शुरू हो चुके थे। पुलिस और विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने अतीक अहमद की एक खास परियोजना अलीना सिटी को अवैध घोषित करते हुए उसका निर्माण ध्वस्त कर दिया था।

ऑपरेशन अतीक के तहत ही 5 जुलाई, 2007 को राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल ने अतीक के खिलाफ धूमनगंज थाने में अपहरण और जबरन बयान दिलाने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद चार अन्य गवाहों की ओर से भी उनके खिलाफ मामले दर्ज कराए गए थे।

दो माह के भीतर ही अतीक अहमद के खिलाफ इलाहाबाद में 9, कौशांबी और चित्रकूट में एक-एक मुकदमा दर्ज किया गया था। 2012 में सपा की सरकार बनी तो अतीक के दिन फिर बहुरने लगे।

कुछ ही दिन में जमानत मिल गई और वह बाहर आकर सपा में शामिल हो गए । 2014 में सपा ने उनके गृह जनपद श्रावस्ती से टिकट दिया जिसमें वह बुरी तरह से हार गए।
पूजा पाल की वजह से छोड़ना पड़ गया था इलाहाबाद


पूजा पाल की शादी की फाइल फोटो
इलाहाबाद में अतीक की तूती बोलती थी। लेकिन राजू पाल की हत्या के बाद जब बसपा सरकार आई तो पूजा पाल दोबारा विधायक बनीं। पूजा पाल ने अतीक की नाक में इतना दम किया कि जिस सीट पर पांच बार विधायक रह चुका था, उस सीट को ही नहीं इलाहाबाद जिले को भी छोड़कर भागना पड़ा।

2014 के चुनाव में अतीक को अपने गृह जनपद श्रावस्ती जाकर चुनाव लड़ना पड़ा। 2017 में अतीक एक बार फिर विधायक बनने के लिए अतीक सक्रिय हुआ। सपा में झगड़े से पहले शिवपाल यादव की लिस्ट में उसे कानपुर की कैंट सीट से प्रत्याशी बनाया।

अखिलेश ने उसका टिकट काट दिया। इसी दौरान इलाहाबाद में शियाट्स में मारपीट के मामले में फिर उसका नाम सुर्खियों में आया। मामला अदालत में पहुंचा। कोर्ट के सख्त रुख के कारण उसे सरेंडर करना पड़ा।

हत्या, अपहण, गुंडा एक्ट के मुकदमें दर्ज हैं अतीक पर


फा‌इल फोटो
सपा में झगड़े से पहले शिवपाल यादव की लिस्ट में उसे कानपुर की कैंट सीट से प्रत्याशी बनाया। अखिलेश ने उसका टिकट काट दिया। इसी दौरान इलाहाबाद में शियाट्स में मारपीट के मामले में फिर उसका नाम सुर्खियों में आया। मामला अदालत में पहुंचा। कोर्ट के सख्त रुख के कारण उसे सरेंडर करना पड़ा।

अतीक अहमद पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, शांति व्यवस्था भंग करने, थानाध्यक्ष के साथ मारपीट करने, लाइसेंसी शस्त्र के दुरुपयोग, गुंडा एक्ट, होटल मालिक के साथ मारपीट, शस्त्र निरस्तीकरण के बाद भी जमा न करने, जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप में गंभीर धाराओं में मुकदमे कायम हुए हैं।

वीसी के खिलाफ अनशन जारी, समर्थन में भी अभियान

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। रजिस्ट्रार तथा सुरक्षा सलाहकार को हटाने की मांग को लेकर अब भी गतिरोध बना हुआ है। छात्रसंघ के बैनर तले सात छात्रों का बेमियादी अनशन तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। अध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर रामसेवक दुबे तथा अन्य शिक्षकों ने आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अफसरों की नियुक्ति, लाइब्रेरी से किताबें निर्गत करने की तारीख भी तय कर दी, लेकिन छात्र पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। दूसरी तरफ कुलपति के समर्थन में भी छात्रों का अभियान जारी रहा।
प्रोफेसर दुबे के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को फिर मांग माने जाने का लिखित आश्वासन दिया। रजिस्ट्रार ने लिखकर दिया कि 15 अप्रैल तक कुलसचिव, वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी लिखकर दिया कि 20 मार्च से लाइब्रेरी से किताबें निर्गत की जाएंगी। प्रोफेसर दुबे के साथ चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार तथा अन्य शिक्षक भी छात्रों से वार्ता के लिए छात्रसंघ भवन पर पहुंचे थे।

चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार ने भी आश्वासन दिया कि आत्मदाह करने वाले जाबिर रजा पर से मुकदमा वापस लिया जाएगा। इसके बाद भी अनशनकारी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। वे प्रोफेसर एनके शुक्ला को रजिस्ट्रार के पद से हटाकर किसी संयुक्त कुलसचिव को चार्ज देने तथा छात्र एवं सुरक्षा सलाहकार प्रोफेसर माता अंबर तिवारी को हटाए जाने की मांग पर अड़े थे। छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा का कहना था कि अन्य मांगों पर उनकी सहमति बन गई है। इन दोनों मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन सहमत हो जाए तो अनशन खत्म कर दिया जाएगा।

छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा का कहना था कि जब तक रजिस्ट्रार और सुरक्षा सलाहकार को हटा नहीं दिया जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा। अदील के अलावा अनशन करने वाले अन्य छात्र नीरज प्रताप सिंह, अनुभव उपाध्याय, अनुभव सिंह, आशुतोष पाठक, जितेंद्र कुमार बिंद और अनुज शुक्ल हैं। अनशन के समर्थन में भीम सिंह चंदेल, जिया कौनेन रिजवी, विश्वदीपक, विवेकानंद पाठक, अखिलेश गुप्ता, विक्रांत सिंह, अभिषेक तिवारी, सीएमपी छात्रसंघ के अध्यक्ष विशाल सिंह, हरिनाम सिंह आदि ने आंदोलन का समर्थन किया।

दिल्ली से लौटे ब्रजेश सक्सेना, संजय पांडेय, पवन यादव ने बताया कि मोहम्मद जाबिर रजा की तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। छात्र युवा संघर्ष समिति के सूरज सिंह, अंजनी कुमार मिश्र आदि ने छात्रसंघ के आंदोलन का भी समर्थन किया।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के समर्थन में बुधवार को भी छात्रों ने परिसर में जुलूस निकाला। एयू स्टूडेंट फोरम के बैनर तले उन्होंने कुलपति के समर्थन में जनसंपर्क अभियान भी चलाया। यूपी रिसर्च एसोसिएशन की ओर से मानव संसाधन विकास मंत्री से मिलकर कुलपति की उपलब्धियों को उनके सामने रखे जाने की घोषणा की गई।
फोरम के बैनर तले छात्र परिसर में जुलूस निकालते हुए कुलपति दफ्तर पर पहुंचे। वे ‘सेव विश्वविद्यालय सेव वीसी’ का नारा लगाते हुए चल रहे थे। छात्रों ने छात्रसंघ को बंद करने की भी मांग उठाई। छात्रों का कहना था कि कुलपति को मंत्रालय की जांच में भी क्लीन चिट दे दी गई है।

इस खुशी में उन्होंने गुलाल-अबीर भी उड़ाए। जुलूस में सर्वेश सिंह, नीरज सिंह, कमल किशोर उपाध्याय, निखलेश मिश्रा आदि शामिल रहे। यूपी रिसर्च एसोसिएशन की बैठक में भी कुलपति के फैसलों का समर्थन किया गया। सदस्यों ने छात्रसंघ के बैनर तले जारी आंदोलन के औचित्य पर सवाल उठाया। बैठक में निर्णय लिया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मानव संसाधन विकास मंत्री से मिलेगा और कुलपति की उपलब्धियों से उन्हें अवगत कराएगा। बैठक में डॉ.वशिष्ठ नारायण शुक्ल, राजेश शुक्ल, आरपी मिश्र, डॉ.विनोद शुक्ला, डॉ.वीसी चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।

अखिल भारतीय स्तर पर होने वाले सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन इंट्रेस टेस्ट में शामिल होने के इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना था कि इससे विश्वविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल बिगड़ेगा। उनका यह भी कहना था कि कॉमन इंट्रेस टेस्ट से देश के सभी बड़े और प्रतिष्ठित संस्थान बाहर हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉमन इंट्रेस टेस्ट में शामिल होने का प्रस्ताव मंगलवार को परीक्षा कराने वाली संस्था राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय को भेज दिया है।

मोबाइल दुकान पर बमबाजी, फार्मासिस्ट जख्मी

इलाहाबाद : टैक्सी स्टैंड के करीब स्थित मोबाइल फोन की एक दुकान पर रविवार शाम ताबड़तोड़ बमबाजी होने से दहशत फैल गई। इससे दूसरी दुकान पर मौजूद फार्मासिस्ट धर्मेन्द्र सिंह जख्मी हो गया। घटना स्थल से थोड़ी दूर पर भाजपा-अपना दल गठबंधन प्रत्याशी प्रमिला त्रिपाठी का चुनाव कार्यालय था। कुछ लोगों ने कार्यालय पर हमले का हल्ला मचा दिया तो खलबली मच गई। घटना के पीछे रंगदारी न देने का कारण बताया जा रहा है। दुकानदार रंजीत कुमार की तहरीर पर मुंगराव गांव के शशांक, लल्ला व राम अचल के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई है।
हंडिया कस्बे में रंजीत केसरवानी की ओम साई कृपा नाम से मोबाइल की दुकान है। उसका आरोप है कि शनिवार की शाम शशांक, लल्ला उसकी दुकान पर आए थे और रंगदारी मांग रहे थे। इससे मना करने पर वे उसे धमकी देते हुए चले गए। रविवार शाम एक बार फिर शशांक अपने दो साथियों के साथ आया और जान से मारने के लिए बमबाजी की। बम फटते ही बगल की मेडिकल स्टोर पर मौजूद फार्मासिस्ट धर्मेन्द्र घायल हो गया। उसके पैर में गंभीर चोट लगी। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी गंगापार, सीओ समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायल फार्मासिस्ट को पुलिस ने अस्पताल भेजा और घटना की छानबीन की।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं दुकानदार रंजीत का आरोप है कि धमकी मिलने के बाद उसने पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण दुकान पर बम से हमला किया गया है।

महिला ने मौत के एक घंटे पहले मां-बाप को फोन पर बताई ये बातें……

suicide_1485964663इलाहाबाद:करछना थाना क्षेत्र में बुधवार को एक विवाहिता संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी से लटकी मिली। महिला के परिजनों ने ससुरालवालों पर हत्‍या का आरोप लगाया है। एसपी यमुनापार अशोक कुमार राय ने बताया, पिता की शि‍कायत पर आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर पति, ससुर, सास और जेठ को गिरफ्तार कर लिया गया है|

मौत के एक घंटे पहले मायके वालों को बताई थी ये बातें
– घूरपुर थाना क्षेत्र के रेरा गांव निवासी घनश्याम पाठक ने अपनी बेटी गौरी (22) की शादी करछना थाना क्षेत्र के सूरज मिश्रा से मई 2014 में की थी। गौरी के तीन महीने की एक बेटी है।
– शादी के बाद से ही गौरी को सोने की चेन और अंगूठी के लिए प्रताड़ि‍त किया जाता था।
– बुधवार की सुबह करीब 9 बजे गौरी ने मायके वालों को रो-रोकर सारी बातें बताई कि सास, ससुर, पति और जेठ मिलकर उसे पीट रहे हैं।
– इसके एक घंटे बाद सूचना मिली की गौरी ने फांसी लगा ली है।
ससुराल वालों पर हत्‍या का आरोप
– मृतका के पिता घनश्याम पाठक ने बताया, जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि गौरी घुटने के बल फंदे से लटक रही थी और उसके हाथ बेड पर थे।
– घनश्याम के अनुसार, उनकी बेटी किसी भी सूरत में खुदकुशी नहीं कर सकती। ससुराल वालों ने फांसी पर लटका दिया है।
– पिता की सूचना के बाद पहुंची करछना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
– एसपी यमुनापार अशोक कुमार राय ने बताया कि पिता घनश्याम पाठक की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर पति सूरज मिश्रा, ससुर कृष्णचन्द्र मिश्रा, सास व जेठ को गिरफ्तार कर लिया है।

सोशलिस्ट पार्टी ही असली समाजवाद

FullSizeRenderसोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यछ हरी नारायण मिश्र ने प्रेस करके बताया की सोशलिस्ट पार्टी असली समाजवाद है | मौजूद समय में अपने को समाजवादी पार्टी और जनता का हितैषी बताने वाले अखिलेश या मुलायम ने समाजवाद और लोहिया के नाम पर प्रदेश वालों को सिर्फ ठगा है उन्होंने बताया की लोहिया जी हमेशा से परिवारवाद और पूंजीवाद, अंग्रेजीवाद के खिलाफ रहे है और उनका नाम इस्तेमाल करके आम जनता को ठगने वालों को समझ लेना चाहिए की अब सोशलिस्ट पार्टी प्रभावी रूप में जनता को लोहिया जी के सिद्धान्तों से अवगत कराएगी |

इस चुनाव में प्रभावी रूप से चुनाव नही लड़ने की बात कहते हुए श्री मिश्र ने सिर्फ अपनी उपस्थिति दर्ज करने की बात बताई और कहा की आंदोलन और जागरूकता अभियान चला कर हमारे कार्यकर्ता समाज के सभी वर्गों तक लोहिया जी और सोशलिस्ट पार्टी के सिद्धान्तों को पहुँचाएगें | ये पार्टी किसी जाती विशेष से प्रभावित नहीं है इस पार्टी का उदेश्य किसी आम को उसके अधिकारों और सम्मान के लिए है उन्होंने चुनाव आयोग ने निवेदन किया है कि पार्टी का चुनाव निशान बरगद या झोपड़ी दिया जाय|

इलाहाबाद:पहले दिन ही इस कैंडिडेट ने किया नामांकन, 141 ने लिए फॉर्म

mbcadbkd_1485804868इलाहाबाद:यूपी विधानसभा चुनाव में अब इलाहाबाद के कैंडिडेट्स चुनावी ताल ठोकने के लिए तैयार हैं। जिलों की सभी 12 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन का सिलसिला सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन सिर्फ एक नामांकन हुआ। इसके अलावा 141 लोगों ने नामांकन पत्र लिया। नामांकन प्रक्रिया को लेकर कलेक्ट्रेट व सदर तहसील छावनी में तब्दील रहे।
– विधानसभा चुनावों को लेकर इलाहाबाद में चौथे चरण में 23 फरवरी को वोट डाले जाएंगे।
– सोमवार से यहा नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई। सुबह से ही कलेक्ट्रेट पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।
– सुबह 10 बजे से पहले ही सभी विधानसभाओं के आरओ-एआरओ भी अपने कक्षों में पहुंच गए।
– डीएम के निर्देश पर नामाकन पत्रों का आवंटन शुरू किया गया। चेकिंग के बाद ही लोगों को कलेक्ट्रेट के अंदर प्रवेश दिया गया।
– दोपहर बाद इंडिया की कम्युनिस्ट पार्टी (मा‌र्क्सवादी-लेनिनवादी) के कैंडिडेट पंचमलाल ने कोरांव से पर्चा दाखिल किया।
– हालांकि जिले की सभी विधानसभाओं से 141 प्रत्याशियों ने नामाकन पत्र जरूर ले लिया है। इसमें निर्दलीय कैंडिडेट्स की संख्या भी अच्छी खासी रही।

इन्होंने लिए नामांकन पत्र
– करछना : सपा के उज्ज्वल रमण सिंह, बीएसपी के दीपक पटेल
– शहर पश्चिमी : बीजेपी से सिद्धार्थनाथ सिंह, लोकदल से रामशंकर चौधरी
– मेजा : बीजेपी से नीलम करवरिया, सपा से रामसेवक सिंह, बीएसपी से एसके मिश्रा
– फाफामऊ : सपा से अंसार अहमद, बीजेपी से विक्रमादित्य मौर्य, लोकदल से चंद्रिका प्रसाद
– फूलपुर : सपा से मंसूर आलम, बीएसपी से मो. मशरूर, अनिल सिंह, कुलदीप पांडेय
– सोरांव : सपा से सत्यवीर मुन्ना, बीएसपी से गीता पासी
– बारा : बीजेपी से डॉ. अजय भारतीय
– शहर दक्षिणी : सपा से परवेज टंकी
– प्रतापपुर : बीएसपी से मो. मुज्तबा सिद्दीकी
– हंडिया : बीएसपी से हातिम लाल बिंद, राकेश धर त्रिपाठी
– शहर उत्तरी : बीएसपी से अमित श्रीवास्तव
किस विधानसभा में कितने फार्म बंटे
फाफामऊ में 05, 255-सोरांव (अ0जा0) में 06, 256 फूलपुर में 26, 257 प्रतापपुर में 10, 258 हण्डिया में 07, 259 मेजा में 11, 260 करछना में 07, 261 इलाहाबाद-पश्चिम में 27, 262 इलाहाबाद-उत्तर में 17, 263 इलाहाबाद-दक्षिण में 12, 264 बारा (अ0जा0) में 09 तथा 265 कोरांव (अ0जा0) में 04 कैंडिडेट्स ने नामांकन फार्म लिया।

शिकायत के लिए कंट्रोल रूम
– विधानसभा निर्वाचन के लिए शिकायत कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट स्थित जन मिलन केंद्र में स्थापित किया गया है।
– कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 0532-2250012 है। निर्वाचन संबंधी सभी शिकायतें इस दूरभाष पर 24 घंटे किसी भी समय की जा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था व स्ट्रांग रूम का लिया जायजा
– जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर व तहसील सदर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। आरओ के कक्षों को देखा।
– इस दौरान उन्हें कुछ कमरों में प्रकाश व्यवस्था की कमी दिखी, जिसे तत्काल दूर करने का आदेश दिया।
– उन्होंने प्रत्येक कक्ष के पास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल लगाने के लिए एसएससी से निर्देश भी दिए।
– इसके बाद वे मुंडेरा मंडी स्थित स्ट्रागरूम का जायजा लेने पहुंचे।
– नगर आयुक्त शेषमणि पांडेय को मुंडेरा मंडी तथा उसके आस-पास साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा।
– इस मौके पर उनके साथ उप जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र कुमार राय भी मौजूद रहे।

मौनी अमावस्या पर किन्नर संतों ने भी लगाई संगम में डुबकी

 

इलाहाबाद (जेएनएन)। संगमनगरी इलाहाबाद में आज मौनी अमावस्या के महापर्व पर लाखों श्रद्धालुओं के साथ किन्नर संतों ने भी आस्था की डुबकी लगाई। किन्नर संत बीते एक हफ्ते से माघ मेला क्षेत्र में डटे हैं।

27_01_2017-27-01-2017--मौनी अमावस्या पर आज किन्नर संतों ने भी बड़ी संख्या में संगम में डुबकी लगाई। इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व में शामिल होने किन्नर अखाड़ा भी संगमनगरी में है। किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि जिस तरह से हिन्दू सनातन धर्म का पालन सभी अखाड़े करते हैं। उसी तरह किन्नर अखाड़े ने भी सनातन धर्म के पालन का प्रण किया है।

उन्होंने कहा है कि मौनी अमावस्या पर सभी किन्नर संत और पीठाधीश्वर संगम में आस्था की डुबकी लगायेंगे। इसके साथ ही भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा किन्नर अखाड़े को मान्यता न देने को लेकर महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण ने कहा कि किन्नरों को उपदेवता का स्थान हासिल है और उन्हें किसी भी अखाड़े की अनुमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है, हांलाकि उन्होंने यह भी कहा कि वे भारतीय अखाड़ा परिषद और सभी अखाड़ों का सम्मान करते हैं।

 

शुभाष चौराहे पर लगा मायावती का विवादित पोस्टर–मामला दर्ज

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इलाहाबाद :–यूपी की सियासत वैसे ही गर्म है और इलाहाबाद के शुभाष चौराहे पर मायावती का विवादित पोस्टर लगाकर लोगो ने गर्म सियासत को हवा देने का काम किया है ,इस विवादित पोस्टर में माया को सुपनखा बनाकर पेश किया गया है। और स्वाती सिंह को दुर्गा बताया गया है। .इलाहाबाद के सिविल लाइन चौराहे पर आरक्षण मुक्त महासंग्रम की तरफ से एक विवादित पोस्टर लगाया गया जिसमें लिखा है जिसमे तमाम तरह की विवादित बाते लिखी गई है। बीएसपी के नेताओ ने नाराज होकर पोस्टर लगाने वालो के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया है।इस विवादित पोस्टर में लिखा गया है कि तब के रावण आज के नसीमउद्दीन तब के आज के सतीशचन्द्र मिश्रा तब के विभीषण आज के स्वामी प्रसाद मौर्या तब के राम आज के केशव प्रसाद मौर्या तब के लक्षमण आज के दयाशंकर सिंह तब की सुपर्णखा आज की मायावती तब की दुर्गा आज की स्वाती सिंह.इस तरह का विवादित पोस्टर लगाया गया तो बीएसपी के नेता बैखला गए और इस मुद्दे पर पोस्टर लगाने वालो के खिलाफ मुक़दमा दर्ज करवा दिया। इलाहाबाद के सुभाष चौराहे पर बसपा सुप्रीमो मायावती का विवादित पोस्टर लगाए जाने को लेकर बसपा विधायक समेत अन्य नेताओ ने इलाहाबाद के सिविल लाइन्स थाने में आरक्षण मुक्त महासंग्रम के छात्र अनुराग शुक्ल व संजय कुमार सोनकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी है, वही पुलिस के आलाधिकारियों ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश भी दे दिया है , विवादित पोस्टर में मायावती को सूपनखा बताया और तब के रावण आज के नसीमउद्दीन व सतीशचन्द्र मिश्रा को मारिच और स्वामी प्रसाद मौर्या को विभीसड़ वही भाजपा के प्रदेश अध्यछ केशव प्रसाद मौर्या को राम और दयाशंकर सिंह को लक्षमण वही दया शंकर सिंह की पत्नी स्वाती सिंह को दुर्गा बताया गया है। वैसे ही सूबे की सियासत गर्म है और इस तरह से विवादित पोस्टर लगाए जाने से इन लोगो ने बीएसपी के नेताओ में खलबली मचा दी है

अपोलो क्लीनिक इलाहाबाद में एमआरपी से जयादा में बिल हो रही दवा

इलाहाबाद अपोलो क्लीनिक में आये दिन दवा बिक्री में लापरवाही की सूचना मिलती रहती है |
आज जब एक दवा बेकसुल्स को खरीदने के लिए ग्राहक अपोलो क्लिनिक गया तो दवा के पत्ते पर छपा हुआ मूल्य पचीस रुपये अस्सी पैसे के बजाय अपोलो वालो ने २८ रुपये और १५ पैसे वसूला और बिल भी काटा|

जबकि एमआरपी से जयादा लेना कानूनन गलत है फिर भी इस तरह से अपोलो में लूट का सिलसिला चल रहा है|

जानकारी के अनुसार इस तरह की घटना पहले भी कई बार हो चुकी है |

कोंग्रेस कार्यकर्ताओ ने लिखा खून से ख़त

vlcsnap-2016-06-18-15h04m10s187इलाहबाद में कोंग्रेस कार्यकर्ताओ ने प्रियंका लाओ को लेकर फिर चलाई अनूठी मुहीम , कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांघी को लिखा खून से ख़त । उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2017 में होने है और हर राजनीती पार्टी का जोर आजमाईश यू पी में तेज हो गयी है ।और अगर पार्टी की बात करे तो उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी का चेहरा मायावती है तो समाजवादी पार्टी का अखिलेश और अभी तक न बी जे पी ने यू पी के 2017 अपना चेहरे को साफ़ नही किया है और अगर कांग्रेस की बात करे तो उत्तर प्रदेश को लेकर इनका भी चेहरा साफ़ नही किया है इसी मामले के लेकर कांग्रेशियो ने अनूठा तरीका अपनाया .vlcsnap-2016-06-18-15h05m50s750पार्टी के लोगो ने नेहरू परिवार के पैतृक आवास आनंद भवन पर अपने खून से सोनिया गांधी को अपने पात्र लिखा है । इस लेटर के माध्यम से पार्टी के लोगो ने प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश की कांग्रेस प्रचार की कमान सौपने की पुरजोर मांग की है , इसी के साथ वरिष्ठ कॉंग्रेस नेता राज्य सभा संसद प्रमोद तिवारी को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग की माग किया । आनंद भवन पर अपनी इस मांग के समर्थन में कॉंग्रेस कार्यताओ ने खून से ख़त लिख कर प्रियंका लाओ प्रदेश बचाओ की मांग की है । ज्ञात हो कि इस खत को लिखने में शामिल कोंग्रेस कार्यकर्ता हसीब अहमद और श्रीचंद पिछले चार साल से प्रिंयंक गांधी को उत्तर प्रदेश की कमान सोंपे जाने की माग लगातार कर रहा है जिसके लिए इसे एक बार पार्टी से निलंबित भी किया जा चूका है । बहराल कोंग्रेस की नैय्या up में पार लगाने के लिए टीम PK का भी मानना है कि प्रियंका को चुनाव प्रचार की कमान देने की सिफारिश की है तो वही किसी कद्दावर कॉंग्रेस नेता को भी चेहरा बनाने की बात सामने आ रही है ,ऐसे में प्रमोद तिवारी की मांग इलाहबाद से कर कॉंग्रेस कार्यकर्ताओ ने एक सन्देश देने की कोशिश की है